‘दिल्ली का बाहरी’ से भारत के आर्किटेक्ट तक: मोदी का मिशन

2014 के स्वतंत्रता दिवस पर सफेद कुर्ता और रंग-बिरंगी राजस्थानी साफा में जब नरेंद्र मोदी लाल किले से पहली बार देश को संबोधित कर रहे थे, तब उन्होंने खुद को ‘दिल्ली का बाहरी’ कहा था। यह केवल एक भाषण नहीं था, बल्कि एक नए युग की शुरुआत थी — जिसमें शासन, नीति और राजनीति तीनों में क्रांतिकारी बदलाव हुए। “मुझे शासन का अनुभव नहीं है, लेकिन मेरे पास विजन है,” — मोदी ने कहा था। 2. पार्टी में बदलाव: BJP from Cadre to Corporate Structure मोदी युग में पार्टी सिर्फ…

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RSS@100: संघ के 100 साल और हिंदू राष्ट्र की परिकल्पना का सफ़र

आरएसएस, जिसे आमतौर पर संघ के नाम से जाना जाता है, एक हिंदू राष्ट्रवादी संगठन है. इसकी स्थापना 1925 में महाराष्ट्र के नागपुर में डॉक्टर केशव बलिराम हेडगेवार ने की थी. RSS खुद को एक सांस्कृतिक संगठन बताता है, लेकिन इसे भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का वैचारिक अभिभावक भी माना जाता है. संघ से जुड़े लोगों की संख्या के बारे में कोई आधिकारिक आंकड़ा नहीं है, लेकिन एक अनुमान के अनुसार देश में करीब एक करोड़ स्वयंसेवक हैं. आरएसएस के मुख्य उद्देश्य क्या हैं? RSS का मुख्य उद्देश्य हिंदू संस्कृति,…

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उप-राष्ट्रपति CP राधाकृष्णन की ‘सिलाई से सियासत’ तक की यात्रा!

तमिलनाडु के तिरुप्पुर से निकलकर दिल्ली की पावर गली तक का सफर कोई छोटा-मोटा नहीं होता। लेकिन CP राधाकृष्णन ने यह कर दिखाया और वो भी 452 वोटों के भारी बहुमत के साथ। विपक्ष ने सोचा था कि ‘जस्टिस’ (सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज बी सुदर्शन रेड्डी) के नाम पर कुछ न्याय हो जाएगा… लेकिन हुआ वही जो NDA चाहती थी। “क्रॉस वोटिंग हो सकती है,” ऐसा कहने वाले अब वोटिंग मशीन की बैटरी चेक करवा रहे हैं। कैसे हुआ चुनाव और क्या रहा नतीजा? कुल वोट डाले गए: 767…

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“तेजाब से आवाज बुझा देंगे!” -TMC विधायक Abdur Rahim का वर्जन 2.0

पश्चिम बंगाल की राजनीति फिर से हाई वोल्टेज मोड में आ गई है। TMC विधायक अब्दुर रहीम बक्शी ने शनिवार को एक जनसभा में जो बोला, उसे सुनकर माइक भी सहम गया। “अगर किसी ने बंगाली प्रवासी मजदूरों को दोबारा ‘बांग्लादेशी’ या ‘रोहिंग्या’ कहा, तो उनके मुंह में तेजाब डाल दूंगा।” – अब्दुर रहीम बक्शी, मालदा सभा में अब चाहे माइक गल गया हो या बयान वायरल हुआ हो, बंगाल की गर्म हवाओं में ये धमकी तेल में आग का काम कर गई है। Shankar Ghosh पर सीधा हमला, लेकिन…

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ई बार के बिहार चुनाव में सबके पसीना छूट गइल बा!

भइया, अबकी बिहार विधान सभा चुनाव 2025 के हालत कुछ अइसन बा, जइसन ससुराल में बिना दूल्हा के बरात पहुँच गइल हो! पहिले त सियासत बड़ा सिंपल रहल — जदयू, भाजपा अउर राजद में से जे दो गो मिल गइल, उहे सरकार बना लेहलें। बाकिर अबकी बार मैदान में उतर गइल बाड़न चुनावी चाणक्य प्रशांत किशोर पांडे! जब ‘पदयात्री PK’ बन गइल चुनावी महायोद्धा PK बाबू त तीन साल से बिहार के गाँव-गाँव पदयात्रा करत घूम रहल बाड़न। का बड़कका, का छुटभैये नेता – सबके पसीना छुड़ा देले बाड़न। एगो…

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“B से Bidi, B से Bihar” विवाद: सम्राट चौधरी का कांग्रेस पर तगड़ा वार

सोशल मीडिया की दुनिया में इन दिनों “B” से बड़ा बवाल मचा है। जहां एक ओर X (पहले Twitter) पर कांग्रेस की केरल यूनिट की पोस्ट ने आग लगाई, वहीं दूसरी ओर बीजेपी नेताओं ने उस आग में राजनीति का घी डालने में कोई कसर नहीं छोड़ी। क्या कहा कांग्रेस की पोस्ट में? कांग्रेस की केरल यूनिट ने एक पोस्ट शेयर की जिसमें लिखा था: “B से बीड़ी और B से बिहार.” पोस्ट क्या आई, सोशल मीडिया पर भूकंप आ गया। पोस्ट कुछ देर में डिलीट कर दी गई, लेकिन…

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“मोदी जी रिटायर होंगे… सपना मत देखो!”-“ऐसा कुछ प्लान ही नहीं है!”

देश की राजनीति में रिटायरमेंट एक concept है, लेकिन पीएम मोदी के केस में ये mythology जैसा लगता है। जहाँ दूसरे नेता 75 के बाद योगा और गोवा प्लान बनाते हैं, वहीं मोदी जी का सिर्फ एक प्लान है – “जब तक NDA जीतेगा, तब तक PM की कुर्सी मेरी है!” 2024 से 2029 तक – रोड टू ‘मोदी 4.0’? लोगों को उम्मीद थी कि शायद 2024 के बाद मोदी जी थोड़ा ‘हिमालय ट्रेकिंग’ या ‘वनवास मोड’ में चले जाएँ, लेकिन साहब ने तो क्लियर कर दिया – “न खुद…

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ट्रंप के 50% टैरिफ़ के बीच भारत का आत्मनिर्भर विश्वास और आर्थिक मजबूती

जब अमेरिका ने ऐलान किया कि भारत पर 27 अगस्त 2025 से 50% टैरिफ लगेगा, तो कई फैक्ट्रियों में “अब तनख्वाह कैसे दूँ?” वाले सीन शुरू हो गए। लेकिन मोदी जी, गुजरात की धरती से, सीना ठोककर बोले – “हम झटके झेल लेंगे, स्वदेशी हमारा कवच है!” अब ज़रा देखिए, कैसे आत्मनिर्भर भारत इस ताज़ा झटके का ‘स्वदेशी झप्पड़’ से स्वागत कर रहा है: 1. आउटलुक में सुधार: विदेशी निवेशकों को ‘विश्वास का बूस्टर डोज़’ रेटिंग एजेंसी S&P ने 18 साल बाद भारत की रेटिंग अपग्रेड कर दी है। फिच…

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राष्ट्रवाद की राजनीति में बीजेपी को क्यों मिलता है जनता का समर्थन?

जब भी भारत में चुनाव आते हैं, एक शब्द गूंजता है — “राष्ट्रवाद”। और इस शब्द के साथ जुड़ा होता है एक नाम: BJP (भारतीय जनता पार्टी)। चाहे वह सर्जिकल स्ट्राइक हो, CAA-NRC की बहस, या राम मंदिर निर्माण — बीजेपी ने राष्ट्रवाद को न सिर्फ राजनीतिक एजेंडा, बल्कि भावनात्मक कनेक्शन बना दिया है। यही कारण है कि राष्ट्रवाद के नाम पर जनता बार-बार बीजेपी को समर्थन देती है? जनता का झुकाव: राष्ट्रवाद को माने ‘India First’ एजेंडा आम मतदाता को जब लगता है कि देश को सुरक्षा, सम्मान और…

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“ए भाई! लालटेन से निकल के अब ‘कमल’ खिल गइल बा!”

बिहार में चुनावी मौसम त अभी दूर बा, बाकिर राजनीति में गरमी अबहीं से सुरु हो गइल बा। तेजस्वी यादव के पार्टी राजद के दू विधायक – नवादा से विभा देवी अउर रजौली से प्रकाश वीर – आज पीएम मोदी के गया वाली सभा में बीजेपी मंच पर चहकते देखल गइलें। अब ई देख के कहे के मन करता:“एक दिन अइसे आइल कि लालटेन के रौशनी खुद ‘कमल’ के चटकारा खा गइल!” विभा देवी: लालटेन से निकल के NDA में चहकल बत्ती विभा देवी के राजनीति के रस्ता पति राजवल्लभ…

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