नई दिल्ली: ईरान युद्ध का असर अब युद्ध क्षेत्र से हजारों किलोमीटर दूर रह रहे बच्चों की शिक्षा पर भी दिखाई देने लगा है। महंगे ईंधन, बढ़ती परिवहन लागत और महंगाई ने गरीब परिवारों की आर्थिक मुश्किलें बढ़ा दी हैं। भोजन और रोजमर्रा के खर्च पूरे करना मुश्किल होने के बीच बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने का खतरा बढ़ रहा है। कंबोडिया के टोनले साप झील क्षेत्र में रहने वाली 13 वर्षीय सौ स्रेयनिच की कहानी इसका उदाहरण है। वह शिक्षक बनना चाहती हैं, लेकिन उनकी पढ़ाई पहले ही कई…
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काम देने का वादा, पिटाई और फिर गुमशुदगी: 14 साल का दर्दनाक सच
कोलकाता की एक कपड़ों की फ़ैक्ट्री में 14 साल के बच्चे की बेरहमी से पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया, जिसने पूरे देश को झकझोर दिया। घटना कोई अफ़वाह नहीं थी—वीडियो में जो दिखा, वही असलियत थी। अब इस केस में बड़ा अपडेट आया है: फैक्ट्री का मालिक शहंशाह अली मुंबई से गिरफ़्तार हो गया है। नेपाल में घोटाला, सांसद सस्पेंड! भारत में? पहले वोट गिन लो! मोबाइल चोरी का झूठा आरोप और फिर हैवानियत बच्चे पर मोबाइल चोरी का आरोप लगाया गया और उसके बाद उसे जानवरों…
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