पंढरपुर से गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल, अधिक मास एकादशी के सम्मान में मुस्लिमों ने टाली कुर्बानी

सोलापुर: महाराष्ट्र के पवित्र तीर्थस्थल पंढरपुर से सांप्रदायिक सौहार्द और भाईचारे की अनूठी मिसाल सामने आई है। बकरीद और अधिक मास एकादशी एक ही दिन पड़ने पर यहां मुस्लिम समुदाय ने हिंदू श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए बकरे की कुर्बानी टालने का फैसला लिया है। इस फैसले की पूरे इलाके में चर्चा हो रही है और लोग इसे आपसी सद्भाव का बड़ा संदेश मान रहे हैं। स्थानीय मुस्लिम समाज के लोगों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि अधिक मास एकादशी के पावन अवसर पर किसी भी तरह…

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‘इस बार गो-वध मुक्त हो बकरीद’, असम के CM हिमंत सरमा की अपील; ईदगाह कमेटियों के फैसले का किया स्वागत

गुवाहाटी: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने राज्य की विभिन्न ईदगाह और कब्रिस्तान कमेटियों की उस पहल का स्वागत किया है, जिसमें मुस्लिम समुदाय से आगामी बकरीद पर गो-वध नहीं करने की अपील की गई है। मुख्यमंत्री ने इसे सामाजिक और सांप्रदायिक सौहार्द को मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि यह पहल राज्य के बहुसंख्यक सनातन समुदाय की भावनाओं के सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अन्य ईद कमेटियां भी आगे आकर इसी तरह की अपील जारी करेंगी, ताकि…

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यहाँ न हिन्दू हैं, न मुस्लमान! यहाँ इंसान है – ये बहराइच है- जानिए पूरा मामला

जन्माष्टमी के शुभ दिन पर बहराइच की कोतवाली नगर स्थित कानूनगोपुरा चौकी का हुआ भव्य नाम परिवर्तन।अब ये चौकी “श्री सिद्धनाथ महादेव चौकी” के नाम से जानी जाएगी। न सिर्फ नाम बदला, बल्कि सांप्रदायिक सौहार्द और शांति का भी संदेश दिया गया।भव्य उद्घाटन समारोह में जो गंगा-जमुनी तहजीब दिखी, उसने राजनीति को पीछे छोड़ भक्ति और भाईचारे को आगे रखा। उद्घाटन का खास लम्हा: फीता भी कटा, फिकरे भी इस नामकरण समारोह का उद्घाटन किया। श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर स्वामी रवि गिरी जी महाराज ने साथ थे  जिलाधिकारी अच्छय त्रिपाठी और…

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कैराना नहीं दोहराना? योगी बोले- संत बताएंगे सही रास्ता!

मुजफ्फरनगर के शुकतीर्थ में हुए संत समागम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का भाषण जितना आध्यात्मिक था, उतना ही राजनीतिक तंज और स्पष्ट गुस्से से भरा हुआ भी। उन्होंने न केवल संतों की शिक्षाओं की बात की बल्कि सीधे-सीधे कैराना और कांधला जैसी घटनाओं को उदाहरण बनाकर स्पष्ट किया कि जब समाज संतों की राह से भटकता है, तब कैसी भयावह स्थिति बनती है। सोनम का ‘कामाख्या दर्शन’ बहाना था, असली मंज़िल तो राजा को निपटाना था संतों की राह से बनता है सुरक्षित समाज मुख्यमंत्री ने साफ कहा, “संतों ने…

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