सोलापुर: महाराष्ट्र के पवित्र तीर्थस्थल पंढरपुर से सांप्रदायिक सौहार्द और भाईचारे की अनूठी मिसाल सामने आई है। बकरीद और अधिक मास एकादशी एक ही दिन पड़ने पर यहां मुस्लिम समुदाय ने हिंदू श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए बकरे की कुर्बानी टालने का फैसला लिया है। इस फैसले की पूरे इलाके में चर्चा हो रही है और लोग इसे आपसी सद्भाव का बड़ा संदेश मान रहे हैं। स्थानीय मुस्लिम समाज के लोगों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि अधिक मास एकादशी के पावन अवसर पर किसी भी तरह…
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“मैं रहूं या न रहूं, आप रहिए महाराज!” – आरिफ की चिट्ठी ने दिल जीता
मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम ज़िले में इटारसी के रहने वाले आरिफ खान चिश्ती ने इंसानियत और धार्मिक सौहार्द की मिसाल पेश की है। उन्होंने वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज को अपनी एक किडनी दान करने की पेशकश की है। आरिफ ने बाकायदा एक भावुक चिट्ठी लिखी और संत के आधिकारिक ईमेल व वॉट्सऐप नंबर पर भेजी। “आपके आचरण और व्यवहार से मैं बहुत प्रभावित हूं” आरिफ ने अपनी चिट्ठी में लिखा: “आपके वीडियो देखकर आपके व्यक्तित्व से जुड़ाव हो गया है। आप सिर्फ एक संत नहीं हैं, बल्कि हिंदू-मुस्लिम एकता का…
Read Moreवाह दत्त सुलतान, हिंदू का धर्म, मुसलमान का ईमान, आधा हिंदू आधा मुसलमान
हुसैनी ब्राह्मण एक अद्वितीय समुदाय है जो मुख्य रूप से मोहयल ब्राह्मणों से संबंधित है। यह समुदाय विशेष रूप से पंजाब, जम्मू, दिल्ली, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश, और पाकिस्तान के कुछ हिस्सों में पाया जाता है। इनका इतिहास और संस्कृति हिंदू और इस्लामिक परंपराओं का मिश्रण है, जो भारतीय उपमहाद्वीप की धार्मिक सहिष्णुता और सांस्कृतिक विविधता को दर्शाता है। वक्फ़ बोर्ड में अब गैर-मुस्लिम भी! केंद्र बोला: धर्मनिरपेक्ष है प्रबंधन करबला युद्ध में भागीदारी: किवदंती के अनुसार, मोहयल ब्राह्मणों के दत्त उपवंश के एक सदस्य, रहब सिद्ध दत्त, ने इमाम हुसैन…
Read Moreसीज़फायर पर बहराइच की जनता की राय: पाकिस्तान से नहीं, भारत की तैयारी से है भरोसा
भारत-पाकिस्तान सीमा पर 4 दिनों तक चले टकराव के बाद हुई सीज़फायर की घोषणा पर बहराइच के लोग सतर्क हैं। शांति के पक्ष में तो सब हैं, मगर पाकिस्तानी मंशा पर शक गहराता जा रहा है। यहाँ के लोगों ने साफ तौर पर कहा कि भारत को नर्मी नहीं, रणनीतिक सख़्ती बनाए रखनी चाहिए। गोरखपुर की ज़मीन से उठी आवाज़ – “सीज़फायर ठीक है, लेकिन भरोसा नहीं” बहराइच की ज़ुबानी – शांति ज़रूरी, मगर सजगता पहली शर्त समीउल्लाह खान :“शांति की पहल स्वागतयोग्य है, लेकिन पाकिस्तान का ट्रैक रिकॉर्ड झूठ…
Read Moreगोरखपुर की ज़मीन से उठी आवाज़ – “सीज़फायर ठीक है, लेकिन भरोसा नहीं”
सीज़फायर की खबर पर गोरखपुर में हलचल है। भारत-पाक तनाव के बीच हुई यह घोषणा शांति की दिशा में कदम ज़रूर है, लेकिन स्थानीय लोगों की राय में इसे पाकिस्तान की रणनीतिक मजबूरी के रूप में देखा जा रहा है, न कि सच्चे इरादे के तौर पर। बागी बलिया बोलेला – पाकिस्तान के भरोसा कइसे? भारत तैयार रहे के चाहीं! क्या कहते हैं गोरखपुरवासी? अब्दुल राशिद :“शांति सबसे बेहतर विकल्प है लेकिन पाकिस्तान का इतिहास भरोसे लायक नहीं। सीज़फायर तब तक बेमानी है जब तक आतंकवाद की फैक्ट्री बंद न…
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