लखनऊ: सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष और योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने आर्थिक आधार पर आरक्षण की वकालत की है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति डीएम, एसपी, आईजी, डीआईजी, मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री, राज्यपाल या राष्ट्रपति जैसे पदों पर पहुंच चुका है, उसे आरक्षण की क्या जरूरत है। राजभर ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने गरीबों और वंचितों को आगे बढ़ाने के लिए आरक्षण की व्यवस्था की थी। उन्होंने इस व्यवस्था का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचाने की जरूरत बताई।
राजभर से पहले उनके बेटे अरविंद राजभर भी आर्थिक आधार पर आरक्षण की पैरवी कर चुके हैं। उन्होंने भी कहा था कि आरक्षण आर्थिक आधार पर दिया जाना चाहिए।
आरक्षण का लाभ गरीब और जरूरतमंदों तक पहुंचाने पर जोर
ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि आरक्षण का उद्देश्य उन लोगों को विकास की मुख्यधारा में लाना है, जो अभी तक इससे बाहर हैं। उनका कहना है कि आरक्षण का लाभ पा चुके लोग लगातार इसका फायदा उठाते जा रहे हैं, जबकि गरीब और जरूरतमंद पीछे छूट रहे हैं। उन्होंने व्यवस्था का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचाने की जरूरत पर जोर दिया।
जातीय जनगणना पर विपक्ष को घेरा
राजभर ने जातीय जनगणना को लेकर भी विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्ष का काम विरोध करना है, जबकि सरकार का काम अपना काम करना है। जातिवार जनगणना को लेकर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की घोषणा के बाद विपक्ष में इसका श्रेय लेने की होड़ मच गई थी।
अखिलेश पर तंज, बोले- मुसलमान को मुख्यमंत्री बनाने का ऐलान भी कर दें
ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव की सरकारों में जो राजनीतिक संस्कृति बनी, वही आज सपा में दिखाई दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार में अपराधियों के खिलाफ मुकदमे तक दर्ज नहीं किए जाते थे। साथ ही दावा किया कि उत्तर प्रदेश में सामने आ रही कई आपराधिक घटनाओं में सपाइयों के नाम सामने आ रहे हैं।
शिवपाल यादव के आजम खान को गृहमंत्री बनाए जाने संबंधी बयान पर भी राजभर ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मुसलमानों ने वोट देकर चार बार यादव को मुख्यमंत्री बनाया है। अगर चच्चा मुसलमान को गृहमंत्री बनाने की बात कर रहे हैं तो बच्चा मुसलमान को मुख्यमंत्री बनाने की घोषणा भी कर दे।
राजभर ने यह भी दावा किया कि समाजवादी पार्टी ने उनकी बदौलत गाजीपुर की सभी सात विधानसभा सीटों पर जीत हासिल की थी।
