
रूस ने अब अपने सबसे विवादित और खतरनाक हथियार 9M729 क्रूज मिसाइल (SSC-8) को मैदान में उतार दिया है। यूक्रेन का दावा है कि रूस अगस्त 2025 से अब तक 23 बार इस मिसाइल का इस्तेमाल कर चुका है — और हाल ही में 5 अक्टूबर को लापाइवका गांव को टारगेट करते हुए 600 किलोमीटर दूर तक वार किया।
परिणाम — चार लोगों की मौत और यूरोप में खलबली मच गई।
यूक्रेन ने कहा कि ये मिसाइल केवल हमला नहीं, बल्कि यूरोप को “संदेश” है — “हमारे पास लंबी दूरी का गुस्सा है।”
अमेरिका बनाम रूस: “INF संधि” की कहानी और ‘स्क्रूड्राइवर’ विवाद
दरअसल, अमेरिका और रूस के बीच INF (Intermediate-Range Nuclear Forces) संधि थी, जिसमें 500 से 5500 किमी रेंज वाली मिसाइलों पर रोक थी।
लेकिन अमेरिका ने रूस पर आरोप लगाया कि उसकी 9M729 मिसाइल की रेंज 2500 किमी तक है, जो सीधे यूरोप तक पहुंच सकती है।
रूस बोला – “नहीं नहीं, बस 480 किमी तक जाती है।”
अमेरिका हंसा – “ठीक है भाई, तो हम भी बाहर निकल रहे हैं।”
और 2019 में अमेरिका ने खुद को संधि से बाहर कर लिया, मतलब “अब खेल खुलेआम होगा।”
न्यूक्लियर वारहेड और स्ट्रैटेजिक डर का नया दौर
9M729 मिसाइल सिर्फ एक ‘रॉकेट’ नहीं, बल्कि न्यूक्लियर वारहेड ले जाने में सक्षम हथियार है। यह मिसाइल रूस को “रणनीतिक डर” का फायदा देती है — यानी सामने वाला देश सोचेगा भी सौ बार कि जवाब दे या नहीं।

ट्रम्प प्रशासन के दौरान अमेरिका ने फिर से न्यूक्लियर टेस्टिंग शुरू करने के आदेश दिए थे, और अब यूक्रेन में इस मिसाइल का इस्तेमाल ये बताता है कि रूस युद्ध को लंबा खींचने की पूरी तैयारी में है।
9M729 की तकनीकी स्पेसिफिकेशन —
| पैरामीटर | डिटेल |
|---|---|
| लंबाई | 6–8 मीटर |
| व्यास | 0.514 मीटर |
| इंजन | TRDD P-95-300 टर्बोजेट |
| रेंज (दावा) | रूस: 480 किमी / अमेरिका: 2500 किमी |
| वारहेड | 500 किलोग्राम (न्यूक्लियर/कन्वेंशनल) |
| गाइडेंस सिस्टम | INS + GPS/GLONASS + DSMCM |
| लॉन्चर | 9K720 इस्कैंडर TEL (एक से चार मिसाइलें दागी जा सकती हैं) |
| स्पीड | सबसोनिक (धीमी, पर छिपी हुई) |
रूस का मैसेज: “यूरोप, संभल जाओ!”
यूक्रेन पर तो वार हुआ ही, लेकिन इस मिसाइल की रेंज देखकर स्वीडन, फिनलैंड, ब्रिटेन जैसे देशों ने भी पसीना पोंछा है। क्योंकि अगर रूस ने इसे फिर लॉन्च किया, तो अगला “टारगेट” नक्शे पर कहीं भी हो सकता है। यानी ये मिसाइल सिर्फ यूक्रेन को नहीं, बल्कि पूरे यूरोप को “साइलेंट थ्रेट” भेज रही है।
रूस की 9M729 मिसाइल केवल तकनीकी हथियार नहीं, बल्कि राजनीतिक चेतावनी है। यूक्रेन के खिलाफ इसका इस्तेमाल दिखाता है कि युद्ध खत्म नहीं, बल्कि और गहरा होने वाला है। अब सवाल यह है — क्या यूरोप और NATO ‘स्क्रूड्राइवर’ की स्क्रू कसने देंगे, या जवाबी “स्पैनर” निकालेंगे?
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