पटना की खेमनीचक सब्जी मंडी में भीषण अग्निकांड, 50 से ज्यादा दुकानें राख; 4 गैस सिलिंडर फटने से मची दहशत

पटना: बिहार की राजधानी पटना के रामकृष्णनगर स्थित खेमनीचक सब्जी मंडी में गुरुवार सुबह भीषण आग लगने से भारी तबाही मच गई। सुबह करीब तीन बजे के बाद लगी आग ने कुछ ही देर में विकराल रूप ले लिया और 50 से अधिक दुकानें जलकर राख हो गईं। आग की चपेट में श्रृंगार, मोबाइल मरम्मत और अन्य कारोबार से जुड़ी दुकानें आ गईं। इस दौरान एक झोपड़ीनुमा होटल में रखे चार गैस सिलिंडर फटने की सूचना से इलाके में अफरातफरी फैल गई। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की 10 से 15 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान शुरू किया।

देखते ही देखते दुकानों तक पहुंचीं आग की लपटें

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, गुरुवार तड़के मंडी में आग लगने के बाद लपटें तेजी से फैलने लगीं। कुछ ही समय में एक के बाद एक कई दुकानें इसकी चपेट में आ गईं। आग की ऊंची लपटें देखकर आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया। दुकानदारों ने अपने सामान को बचाने की कोशिश की, लेकिन आग की तीव्रता के कारण उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ा। एक साथ बड़ी संख्या में दुकानों में आग लगने से पूरे इलाके में अफरातफरी का माहौल बन गया।

झोपड़ीनुमा होटल में चार गैस सिलिंडर फटने से दहशत

आग के दौरान मंडी में स्थित एक झोपड़ीनुमा होटल में रखे चार गैस सिलिंडरों में विस्फोट होने की सूचना मिली। सिलिंडर फटने की आवाज और आग की तेज लपटों ने आसपास के लोगों में दहशत पैदा कर दी। इस अग्निकांड में मंडी में खड़ी कई बाइक भी आग की चपेट में आ गईं। हालांकि, जले हुए वाहनों की सही संख्या और कुल नुकसान का आकलन अभी नहीं हो पाया है।

दमकल की 10 से 15 गाड़ियों ने संभाला मोर्चा

आग लगने की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की 10 से 15 गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंचीं। दमकलकर्मियों ने आग को आसपास की दुकानों और अन्य प्रतिष्ठानों तक फैलने से रोकने के लिए लगातार प्रयास किए। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। हालांकि, तब तक 50 से अधिक दुकानें जलकर राख हो चुकी थीं। आग बुझने के बाद प्रभावित दुकानदार अपने प्रतिष्ठानों में हुए नुकसान का जायजा लेने में जुट गए।

दुकानदारों को भारी आर्थिक नुकसान, कारोबार पर संकट

खेमनीचक सब्जी मंडी में एक साथ इतनी बड़ी संख्या में दुकानों के जलने से कारोबारियों को भारी आर्थिक क्षति पहुंची है। दुकानों में रखा सामान, व्यापार से जुड़ी सामग्री और अन्य संपत्तियां आग में नष्ट हो गईं। कई दुकानदारों के सामने रोजी-रोटी और कारोबार दोबारा शुरू करने की चुनौती खड़ी हो गई है। फिलहाल नुकसान की कुल राशि का आकलन नहीं किया गया है।

आग लगने की वजह अब तक स्पष्ट नहीं

खेमनीचक मंडी में आग कैसे लगी, इसका पता अभी नहीं चल पाया है। घटना के कारणों की जांच और संपत्ति को हुए नुकसान का आकलन किया जाना बाकी है। जांच के बाद ही आग लगने की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी। इस अग्निकांड के बाद मंडी में आग से बचाव के इंतजाम और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

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