Malegaon नगर निगम: AIMIM-इस्लाम पार्टी पार्षद भिड़े, सदन बना अखाड़ा

Saima Siddiqui
Saima Siddiqui

जहां जनता के मुद्दों पर बहस होनी थी, वहां मुक्कों की भाषा चलने लगी। Malegaon नगर निगम की विशेष महासभा कुछ ही मिनटों में लोकतंत्र के मंच से उठकर लड़ाई के मैदान में बदल गई। कुर्सियां, नारे और गुस्सा—सब कुछ एक साथ फट पड़ा, और जो सामने आया, उसने राजनीति का चेहरा फिर सवालों में डाल दिया।

कैसे भड़का विवाद?

बैठक में SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) के तहत BLOs की मदद के लिए बेरोजगार शिक्षकों की कॉन्ट्रैक्ट नियुक्ति पर चर्चा चल रही थी। यह मुद्दा प्रशासनिक रूप से अहम था, लेकिन बहस धीरे-धीरे तीखी होती चली गई।

कुछ ही देर में बात तर्क से टकराव और फिर टकराव से हाथापाई तक पहुंच गई—और पूरा सदन हंगामे की चपेट में आ गया।

AIMIM और इस्लाम पार्टी आमने-सामने

माहौल उस वक्त पूरी तरह बिगड़ गया जब AIMIM और इस्लाम पार्टी के पार्षद आमने-सामने आ गए। प्रत्यक्षदर्शियों और वायरल वीडियो के मुताबिक पार्षद एक-दूसरे का कॉलर पकड़ते दिखे। धक्का-मुक्की और घसीटने की नौबत आ गई। बीच-बचाव की कोशिशें नाकाम रहीं।

देखते ही देखते सदन की कार्यवाही पूरी तरह ठप हो गई और अफरा-तफरी मच गई।

मेयर की अपील भी बेअसर

हंगामे के बीच मेयर Nasreen Sheikh लगातार पार्षदों से शांति बनाए रखने की अपील करती रहीं, लेकिन किसी ने उनकी नहीं सुनी। हालात इतने बिगड़ गए कि कुछ पार्षद मेयर और डिप्टी मेयर की कुर्सी तक पहुंच गए। इसके बाद सत्ता पक्ष के पार्षद भी वहां जुट गए और मामला पूरी तरह नियंत्रण से बाहर हो गया।

आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति

घटना के बाद मेयर नसरीन शेख ने पार्षदों के रवैये को “गुंडागर्दी” बताते हुए सदन की गरिमा तार-तार होने की बात कही। वहीं AIMIM नेता Dr Khalid Parvez ने सत्ता पक्ष पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि विपक्ष की आवाज दबाने के लिए जानबूझकर माहौल बिगाड़ा गया।

अब यह मुद्दा सीधे राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप में बदल चुका है।

क्या सदन अब ‘रिंग’ बनते जा रहे हैं?

यह घटना सिर्फ एक शहर की नहीं, बल्कि एक बड़े ट्रेंड की ओर इशारा करती है—जहां जनहित के मंच टकराव के मैदान बनते जा रहे हैं। क्या लोकतांत्रिक संस्थाएं अपनी गरिमा खो रही हैं? क्या बहस की जगह अब भिड़ंत ले रही है? ये सवाल अब और तेज हो गए हैं।

मालेगांव की यह घटना लोकतंत्र के उस आईने की तरह है, जिसमें सियासत का असली चेहरा साफ दिख रहा है। जनता जवाब चाहती है—
क्या जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होगी, या यह हंगामा भी कुछ दिनों में भुला दिया जाएगा?

ईडन गार्डन्स में आज ‘रनों का तूफान’! KKR vs SRH में किसकी पहली जीत?

Related posts

Leave a Comment