
ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों और अमेरिका की लगातार चेतावनियों के बीच अब हालात सिर्फ कूटनीतिक बयानबाज़ी तक सीमित नहीं रहे।
Tehran vs Washington की इस जुबानी जंग ने तब खतरनाक मोड़ ले लिया, जब ईरानी सरकारी टेलीविजन पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के खिलाफ एक ऐसा संदेश प्रसारित हुआ, जिसे सीधे तौर पर धमकी के रूप में देखा जा रहा है।
Iran State TV का विवादित प्रसारण
AFP और New York Post की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरानी सरकारी चैनल ने जुलाई 2024 में पेंसिल्वेनिया के बटलर में हुई ट्रम्प की चुनावी रैली की तस्वीरें दिखाई — वही रैली, जहां ट्रम्प पर हत्या का प्रयास हुआ था और गोली कान को छूकर निकल गई थी।
स्क्रीन पर उभरा संदेश chilling था:
“This time, the bullet won’t miss.”
यानी, इस बार निशाना खाली नहीं जाएगा।
Signal या Psychological Warfare?
इस ब्रॉडकास्ट को सिर्फ मीडिया मैसेज नहीं, बल्कि Strategic Psychological Signal के तौर पर देखा जा रहा है। खासतौर पर तब, जब रिपोर्ट्स हैं कि President Trump ईरान पर सैन्य कार्रवाई के विकल्पों पर विचार कर रहे हैं।
ईरानी नेतृत्व पहले ही अमेरिका पर आरोप लगा चुका है कि वह देश के भीतर अस्थिरता फैलाने और बाहरी हस्तक्षेप की कोशिश कर रहा है।

Iran Officials Silent, Message Loud
दिलचस्प बात यह है कि इस विवादित प्रसारण पर अब तक ईरानी अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
लेकिन जिस तरह से बटलर रैली की तस्वीरें दिखाई गईं, वह संदेश से ज्यादा warning shot जैसा था — बिना गोली चलाए।
जब कूटनीति फेल होने लगती है, तब टीवी स्क्रीन ही रणभूमि बन जाती है।
US Military Moves Add Fuel
इसी बीच, ऐसी खबरें भी सामने आ रही हैं कि अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में अपने सैनिकों की दोबारा तैनाती शुरू कर दी है। क्षेत्र में मौजूद उसके सबसे बड़े सैन्य अड्डों से troop movement की रिपोर्ट्स ने हालात और संवेदनशील बना दिए हैं।
अगर हमला हुआ, तो ईरान जवाबी कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगा।
Big Picture
यह सिर्फ Trump बनाम Iran नहीं है। यह protests, power, perception और propaganda की जंग है — जहाँ हर बयान, हर तस्वीर और हर हेडलाइन खुद एक हथियार बन चुकी है।
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