ईरान के साथ युद्ध खत्म करने की तैयारी में अमेरिका? शांति समझौते का नया मसौदा तैयार, यूरेनियम से लेकर होर्मुज तक रखी गईं 8 शर्तें

वॉशिंगटन: अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य तनाव को खत्म करने के लिए कूटनीतिक प्रयास एक बार फिर तेज हो गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ बातचीत जारी है, हालांकि अमेरिका को युद्ध समाप्त करने की कोई जल्दबाजी नहीं है। ट्रंप ने दावा किया कि तेहरान बातचीत के लिए तैयार है और इस समय उसे कई मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इसी बीच दोनों देशों के बीच मध्यस्थता कर रहे पाकिस्तान ने भी अपनी कोशिशें बढ़ा दी हैं। पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर इसी महीने दो बार ईरान का दौरा कर चुके हैं। इस बीच सऊदी अखबार अल अरबिया की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते का एक नया मसौदा तैयार किया गया है। इसमें ईरान के समृद्ध यूरेनियम के हस्तांतरण से लेकर होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने तक के प्रस्ताव शामिल हैं।

शांति समझौते के मसौदे में रखी गईं 8 अहम शर्तें

रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित समझौते में आठ प्रमुख बिंदुओं को शामिल किया गया है। इनका उद्देश्य परमाणु कार्यक्रम, समुद्री आवाजाही, आर्थिक प्रतिबंधों और सैन्य तनाव से जुड़े विवादों का समाधान निकालना है।

1. समृद्ध यूरेनियम तीसरे देश को भेज सकता है ईरान

प्रस्ताव के तहत ईरान अपने समृद्ध यूरेनियम के मौजूदा भंडार को किसी तीसरे देश में स्थानांतरित कर सकता है। इसके अलावा यूरेनियम संवर्धन का स्तर कम करने का विकल्प भी रखा गया है। परमाणु कार्यक्रम को लेकर दोनों देशों के बीच जारी विवाद में इसे महत्वपूर्ण मुद्दा माना जा रहा है।

2. सात दिनों के भीतर खुल सकता है होर्मुज जलडमरूमध्य

मसौदे में कहा गया है कि दोनों पक्षों के बीच सहमति बनने के सात दिनों के अंदर होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यावसायिक जहाजों की आवाजाही दोबारा शुरू की जा सकती है। यह समुद्री मार्ग अंतरराष्ट्रीय तेल और व्यापारिक आपूर्ति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है।

3. समझौते का गारंटर बन सकता है अमेरिका

प्रस्ताव के अनुसार, अमेरिका दोनों देशों के बीच होने वाले समझौते को लागू कराने और उसके पालन को सुनिश्चित करने के लिए गारंटर की भूमिका निभा सकता है। इससे समझौते की शर्तों को बनाए रखने में मदद मिलने की उम्मीद जताई गई है।

4. कतर की राजधानी दोहा में हो सकती है सीधी बातचीत

अमेरिका और ईरान के बीच सीधे संवाद के लिए कतर की राजधानी दोहा को संभावित स्थान के रूप में प्रस्तावित किया गया है। यहां दोनों देशों के प्रतिनिधि आमने-सामने बैठकर समझौते के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा कर सकते हैं।

5. प्रतिबंधों में राहत के बदले ईरान को उठाने होंगे सुरक्षा संबंधी कदम

मसौदे में ईरान के परमाणु कार्यक्रम और समुद्री सुरक्षा से जुड़े उपायों का भी उल्लेख है। इसके बदले अमेरिका की ओर से ईरान पर लगाए गए प्रतिबंधों, घेराबंदी और आर्थिक पाबंदियों को कम करने के कदम उठाने का प्रस्ताव है।

6. समझौते के पालन की स्वतंत्र रूप से होगी जांच

प्रस्ताव के मुताबिक, समझौते के प्रत्येक अगले चरण को लागू करने से पहले एक स्वतंत्र सत्यापन व्यवस्था के जरिए यह जांच की जाएगी कि संबंधित पक्ष ने अपनी जिम्मेदारियों का पालन किया है या नहीं। इससे दोनों देशों की प्रतिबद्धताओं की पुष्टि की जा सकेगी।

7. बिना भरोसेमंद पुष्टि के नहीं दी जाएगी बड़ी रियायत

मसौदे में यह भी प्रावधान है कि किसी भी पक्ष को तब तक बड़ी छूट देने की जरूरत नहीं होगी, जब तक दूसरे पक्ष की ओर से किए गए वादों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो जाती। इसका मकसद समझौते के दौरान भरोसा बनाए रखना है।

8. उल्लंघन और देरी रोकने के लिए बनेगी विशेष व्यवस्था

प्रस्ताव में मध्यस्थ देशों और गारंटर पक्षों को शामिल करते हुए एक ऐसी व्यवस्था बनाने की बात कही गई है, जो समझौते के पालन में होने वाली देरी या किसी तरह के उल्लंघन का समाधान कर सके। इससे दोनों देशों के बीच दोबारा सैन्य तनाव बढ़ने की आशंका को रोकने में मदद मिल सकती है।

पाकिस्तान की मध्यस्थता को बताया गया सकारात्मक संकेत

अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत आगे बढ़ाने के लिए पाकिस्तान लगातार प्रयास कर रहा है। पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर इसी महीने दो बार ईरान का दौरा कर चुके हैं। वह दोनों देशों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं। शुक्रवार को पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता से जब मुनीर के बार-बार ईरान जाने को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने इसे सकारात्मक संकेत बताया। प्रवक्ता चौधरी ने कहा कि यदि बातचीत में कोई सकारात्मक प्रगति नहीं होती तो फील्ड मार्शल दो बार ईरान क्यों जाते। उन्होंने इस दौरे को सकारात्मक बताते हुए मध्यस्थता की कोशिशों के आगे बढ़ने का संकेत दिया।

ट्रंप बोले- अमेरिका के पास समय है, बातचीत जारी रहेगी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरान के साथ बातचीत को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच बातचीत चल रही है और ईरान समझौता करने के लिए तैयार है। हालांकि, ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका को युद्ध समाप्त करने की कोई जल्दी नहीं है और वॉशिंगटन के पास पर्याप्त समय है। ऐसे में अब सबकी नजरें प्रस्तावित शांति समझौते और अमेरिका-ईरान के बीच होने वाली संभावित बातचीत पर टिकी हैं।

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