
हमास ने ग़ज़ा में 60 दिन के लिए “शांति की चाय” पीने का प्रस्ताव दे दिया है, वो भी मिस्र और क़तर की चुस्की के साथ। इस प्रस्ताव के तहत हमास बचे हुए 50 बंधकों को दो किश्तों में छोड़ेगा – जैसे कोई EMI प्लान हो।
प्रस्ताव की EMI डिटेल्स:
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60 दिन का युद्ध विराम
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पहले 20 बंधक रिहा होंगे, जिनके ज़िंदा होने की “उम्मीद” जताई गई है
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फिर बात होगी स्थायी युद्ध विराम की – यानी “देखते हैं आगे क्या होता है!”
नेतन्याहू की चुप्पी:
इसराइली पीएम बिन्यामिन नेतन्याहू ने ज़्यादा कुछ नहीं कहा, बस इतना कि “हमास दबाव में है!” मतलब, नेतन्याहू का रुख अब भी वही पुराना – “सारे बंधक एक साथ छोड़ो, नहीं तो सौदा कैंसिल!”

ये डील, एक तरफ़ मानवीय संकट को टालने का रास्ता दिखा सकती है, तो दूसरी तरफ़ राजनीतिक शर्तों में उलझ कर फिर से ‘Pending’ में जा सकती है।
कूटनीति अब वैसी हो गई है जैसे शादी की बातचीत – “हम पहले दहेज छोड़ेंगे, अगर सामने वाले RSVP भेज दें तो!”
हमास ने गेंद फेंक दी है, अब देखना ये है कि इज़राइल इसे कैच करता है या “No Ball” घोषित करता है। शांति की डील इस बार फाइनल होगी या फिर से डिलेड मैच?
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