
महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) स्थित हर्सूल जेल से एक बड़ी खबर सामने आई है। टी-सीरीज के संस्थापक गुलशन कुमार हत्याकांड में उम्रकैद की सजा काट रहे शूटर अब्दुल मर्चेंट का निधन हो गया है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, अब्दुल मर्चेंट को दिल का दौरा (Heart Attack) पड़ा था, जिसके बाद उसे तुरंत घाटी अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
इलाज के दौरान मौत, जेल प्रशासन की पुष्टि
जेल प्रशासन के अनुसार, अब्दुल मर्चेंट की तबीयत अचानक बिगड़ी। इमरजेंसी में अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों की कोशिशों के बावजूद जान नहीं बच सकी।
मौत के बाद कानूनी प्रक्रिया और पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी की जा रही है।
कौन था Abdul Merchant?
अब्दुल मर्चेंट वही शख्स था जिसे 1997 में गुलशन कुमार की हत्या में दोषी ठहराया गया था। अदालत ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी
गुलशन कुमार की हत्या मुंबई के अंधेरी इलाके में सुबह की सैर के दौरान हुई थी, जिसने उस दौर में म्यूजिक इंडस्ट्री- बॉलीवुड- लॉ एंड ऑर्डर
तीनों को हिला कर रख दिया था।

एक केस, जिसने अंडरवर्ल्ड और इंडस्ट्री को बेनकाब किया
गुलशन कुमार मर्डर केस को बॉलीवुड-अंडरवर्ल्ड कनेक्शन, माफिया नेटवर्क, जबरन वसूली के सबसे बड़े उदाहरणों में गिना जाता है। अब्दुल मर्चेंट का नाम उस दौर के contract killers में शामिल था, और उसकी सजा को एक न्यायिक मिसाल माना गया।
कानून ने अपना काम किया, सजा मिली, जेल हुई, लेकिन समय — वह सजा का आख़िरी फैसला खुद लिखता है।
एक नाम खत्म हुआ, लेकिन एक काला अध्याय इतिहास में हमेशा दर्ज रहेगा।
अब्दुल मर्चेंट की मौत के साथ गुलशन कुमार हत्याकांड का एक और अध्याय बंद हो गया है। लेकिन यह केस आज भी याद दिलाता है कि अपराध कितना भी ताकतवर हो, वक्त और कानून दोनों से नहीं बच सकता।
भारत आओ या प्वॉइंट्स छोड़ो! ICC के अल्टीमेटम से BCB की बढ़ी टेंशन
