फायर नहीं, सिस्टम फेल हुआ! Goa Night Club Fire में खुला घोटाला

शालिनी तिवारी
शालिनी तिवारी

6 दिसंबर 2025 को गोवा के Breach by Romeo Lane Night Club में लगी भीषण आग ने 25 लोगों की जान ले ली थी। अब इस हादसे की Magisterial Inquiry Report सामने आ चुकी है, जिसने साफ कर दिया है कि यह आग एक हादसा नहीं, बल्कि जालसाजी + लापरवाही + सिस्टम फेलियर का नतीजा थी।

बिना लाइसेंस चलता रहा मौत का अड्डा

रिपोर्ट के मुताबिक, पंचायत सेक्रेटरी रघुवीर बागकर ने ट्रेड लाइसेंस एक्सपायर होने के बावजूद नाइट क्लब को चलने दिया। नियम कहते हैं कि लाइसेंस खत्म होते ही ऑपरेशन बंद होना चाहिए, लेकिन यहां “सब चलता है” मोड ऑन था।

लाइसेंस कागज़ पर एक्सपायर था, लेकिन सिस्टम में अब भी “Valid” चल रहा था।

चार दिन में लाइसेंस! जांच जीरो

जांच में सामने आया कि क्लब का ट्रेड लाइसेंस सिर्फ 4 दिनों में जारी कर दिया गया — बिना डॉक्युमेंट वेरिफिकेशन, बिना साइट इंस्पेक्शन और बिना किसी सुरक्षा जांच के। आमतौर पर जिन प्रक्रियाओं में हफ्ते लगते हैं, वो यहां फास्ट-ट्रैक पर निपटा दी गईं।

फर्जी दस्तावेज, फर्जी पता

सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह रहा कि जिस घर नंबर के आधार पर जमीन उपयोग की अनुमति दी गई — वह घर अस्तित्व में ही नहीं था
मतलब, कागज़ों में क्लब था, ज़मीन पर कानून गायब था।

‘Salt Pan Land’ पर अवैध निर्माण

रिपोर्ट बताती है कि नाइट क्लब और पास के स्ट्रक्चर Salt Pan Land पर अवैध रूप से बनाए गए थे, जो कि Coastal Regulation Zone (CRZ) का सीधा उल्लंघन है। इसके बावजूद पंचायत स्तर पर आंखें बंद रहीं — जब तक आग ने सब खोल नहीं दिया।

नोटिस के बाद भी No Action

ढहाने के नोटिस और लाइसेंस खत्म होने के बाद भी महीनों तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। कमेटी ने स्पष्ट तौर पर सेक्रेटरी रघुवीर बागकर को बर्खास्त करने की सिफारिश की है।

यह मामला सिर्फ एक नाइट क्लब की लापरवाही नहीं, बल्कि पूरे लाइसेंसिंग सिस्टम पर सवाल है। अगर नियम समय पर लागू होते, तो शायद 25 घरों के चिराग आज बुझते नहीं।

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