देहरादून: प्रसिद्ध गायक दलेर मेहंदी के साथ उत्तराखंड के एक कार्यक्रम में कथित तौर पर हुए सार्वजनिक दुर्व्यवहार का मामला अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तक पहुंच गया है। फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) ने इस मामले को लेकर दोनों नेताओं को अलग-अलग पत्र लिखकर अपनी चिंता जाहिर की है। संगठन ने कलाकारों के सम्मान, उनकी स्वास्थ्य संबंधी परिस्थितियों और सार्वजनिक कार्यक्रमों में उनके साथ संवेदनशीलता से पेश आने की जरूरत पर जोर दिया है।
पीएम मोदी को पत्र लिखकर हस्तक्षेप का अनुरोध
FWICE ने 21 अक्टूबर 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजे पत्र में उत्तराखंड के मंत्री सुबोध उनियाल से जुड़ी कथित घटना का उल्लेख किया है। संगठन के अनुसार, नवरात्रि से जुड़े एक धार्मिक सामुदायिक कार्यक्रम में दलेर मेहंदी की प्रस्तुति के दौरान मंत्री मंच पर पहुंचे और उन्हें रुकने के लिए कहा।
पत्र में कहा गया है कि रिपोर्ट के मुताबिक, मंत्री ने गायक की शारीरिक स्थिति, उनके बोलने और खड़े होने की क्षमता तथा उनके लाइव गाने या लिप-सिंक करने को लेकर सवाल उठाए थे। FWICE का कहना है कि किसी कार्यक्रम के संचालन को लेकर चिंता हो सकती है, लेकिन ऐसी स्थिति में कलाकार को सार्वजनिक रूप से फटकारने के बजाय संवेदनशीलता और विवेक के साथ मामला संभाला जाना चाहिए।
कलाकार की सेहत और गरिमा को प्राथमिकता देने की अपील
प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में FWICE ने कहा कि उसकी जानकारी के अनुसार दलेर मेहंदी शराब का सेवन नहीं करते हैं और वह स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से गुजरने के साथ हाल ही में हुई सर्जरी से उबर रहे हैं। संगठन ने इन परिस्थितियों का हवाला देते हुए कहा कि किसी कलाकार की स्थिति के बारे में निष्कर्ष निकालने से पहले संयम बरतना जरूरी है।
FWICE ने अपने पत्र में कलाकारों को देश की सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। संगठन के मुताबिक, कलाकार अपनी प्रतिभा और वर्षों की मेहनत से न केवल लोगों का मनोरंजन करते हैं, बल्कि भारतीय कला और संस्कृति को पहचान दिलाने में भी योगदान देते हैं। ऐसे में उनकी पेशेवर गरिमा और भलाई की रक्षा करना जरूरी है।
सीएम पुष्कर सिंह धामी को भी लिखा पत्र
FWICE ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को भी 21 अक्टूबर 2026 को अलग से पत्र भेजा है। इसमें संगठन ने दलेर मेहंदी से जुड़ी कथित घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री से इस मामले पर ध्यान देने का अनुरोध किया है।
मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में संगठन ने कहा कि यदि किसी कलाकार के स्वास्थ्य या प्रस्तुति को लेकर कोई चिंता हो, तो उसे उचित संवाद और आवश्यक सहायता के जरिए सुलझाया जाना चाहिए। यदि कोई कलाकार अस्वस्थ दिखाई देता है, तो उसकी सुरक्षा और भलाई को प्राथमिकता दी जानी चाहिए तथा मामले को निजी तौर पर और पेशेवर तरीके से संभालना चाहिए।
सार्वजनिक प्रतिनिधियों से जिम्मेदार व्यवहार की अपेक्षा
FWICE ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि संबंधित अधिकारियों और सार्वजनिक प्रतिनिधियों को कलाकारों के साथ व्यवहार करते समय अधिक संवेदनशीलता बरतने की सलाह दी जाए। संगठन का कहना है कि सार्वजनिक प्रतिनिधियों के आचरण का व्यापक संदेश जाता है, इसलिए सांस्कृतिक कार्यक्रमों में कलाकारों के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है।
दोनों पत्रों में FWICE ने फिल्म और मनोरंजन उद्योग से जुड़े श्रमिकों तथा कलाकारों के कल्याण, अधिकारों और उचित व्यवहार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। संगठन ने उम्मीद जताई है कि उसकी चिंताओं पर उचित विचार किया जाएगा और कलाकारों की पेशेवर गरिमा की रक्षा के महत्व को मजबूत किया जाएगा।
