मकबरा विवाद: 10 नामजद, 150 अज्ञात पर केस, पुलिस ने की सख्त कार्रवाई

महेंद्र सिंह
महेंद्र सिंह

उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में सोमवार को एक विवाद ने सांप्रदायिक तनाव की चिंगारी सुलगा दी। एक पक्ष ने मकबरे को मंदिर बताते हुए पूजा-अर्चना का ऐलान कर दिया, और फिर जो हुआ वो ‘धरम-धरम’ नहीं, धक्का-मुक्की में बदल गया।

पुलिस ने तेज़ी दिखाई, मामला दर्ज

फतेहपुर पुलिस ने घटना के तुरंत बाद कोतवाली नगर थाने में
10 नामजद
150 अज्ञात उपद्रवियों
के खिलाफ संगीन धाराओं में केस दर्ज कर लिया है।

पुलिस का आरोप है कि उपद्रवियों ने:

  • जबरन मकबरे में घुसपैठ की

  • तोड़फोड़ की

  • और पुलिसकर्मियों से धक्का-मुक्की भी की

टीमें गठित कर दी गई हैं, और पुलिस के अनुसार जल्द ही गिरफ्तारी भी सुनिश्चित की जाएगी।

“मकबरा मंदिर था!” — संघर्ष समिति का दावा

घटना का ट्रिगर बनी “मठ मंदिर संरक्षण संघर्ष समिति” की अपील, जिसमें उन्होंने मकबरे को मंदिर बताते हुए पूजा और जुलूस निकालने की घोषणा की थी।
जुलूस में लोग लाठी-डंडे और झंडे के साथ पहुंचे, बैरिकेडिंग को तोड़ते हुए मकबरे के भीतर घुस गए। और फिर वही हुआ, जो अक्सर होता है — बवाल, हंगामा, तनाव और एफआईआर।

तनाव बढ़ा, पुलिस ने शांति की अपील की

इस घटना से स्थानीय मुस्लिम समुदाय में नाराजगी फैल गई। इलाके में तनाव का माहौल बन गया। शांति भंग होने की आशंका तेज हो गई। पुलिस ने जनता से शांति बनाए रखने की अपील की है। PAC और अतिरिक्त बल मौके पर तैनात हैं ताकि कानून-व्यवस्था बहाल रहे।

अफवाहों से बचें, सोशल मीडिया को शांत रखें

जैसे ही मामला गर्म हुआ, सोशल मीडिया भी गर्म हो गया। पुलिस ने ‘X’ (पूर्व Twitter) पर जनता से कहा है कि:

“अफवाहें न फैलाएं, जो भी दोषी होंगे, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।”

सतर्कता की ज़रूरत है, क्योंकि आजकल WhatsApp यूनिवर्सिटी ज़्यादा तेज़ है पुलिस रेड से भी।

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