राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालयों में 2.66 करोड़ का गबन, तत्कालीन प्रधानाचार्य गिरफ्तार; बिना टेंडर खरीद में सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालयों में 2.66 करोड़ रुपये से अधिक के सरकारी धन के गबन के मामले में आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (ईओडब्ल्यू) ने बड़ी कार्रवाई की है। प्रयागराज के चार विद्यालयों में वित्तीय अनियमितताओं के मामले में तत्कालीन प्रधानाचार्य जीतलाल पटेल को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

चार विद्यालयों में वित्तीय अनियमितताओं की जांच

ईओडब्ल्यू के डीजी जेएन सिंह के मुताबिक, गृह विभाग के आदेश पर प्रयागराज के चार राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालयों में वित्तीय अनियमितताओं की जांच शुरू की गई थी। जांच में सामने आया कि वर्ष 2018 से 2022 के बीच सरकारी धन के इस्तेमाल में गंभीर अनियमितताएं की गईं। इस मामले में करीब दो वर्ष पहले स्टेट एसआईटी के थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी।

बिना टेंडर प्रक्रिया के की गई खरीदारी

जांच के दौरान सामने आया कि आरोपियों ने निविदा प्रक्रिया पूरी किए बिना कथित तौर पर अनावश्यक सामग्री की खरीद की। इस प्रक्रिया के जरिए कुल 2,66,03,807 रुपये के शासकीय धन के गबन की बात विवेचना में सामने आई है। मामले की जांच आगे बढ़ने पर तत्कालीन प्रधानाचार्य समेत कई सरकारी कर्मचारियों और निजी लोगों की भूमिका सामने आई।

प्रधानाचार्य समेत 17 लोगों की भूमिका सामने आई

विवेचना में एटीएस सुरवल शाहनी के तत्कालीन प्रधानाचार्य जीतलाल पटेल के अलावा पांच लोकसेवकों और 12 निजी लोगों की भूमिका सामने आने की बात कही गई है। ईओडब्ल्यू के अनुसार, जीतलाल पटेल गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार फरार चल रहा था।

मुखबिर की सूचना पर प्रयागराज से गिरफ्तारी

ईओडब्ल्यू की लखनऊ सेक्टर टीम को आरोपी के बारे में मुखबिर से सूचना मिली। इसके आधार पर टीम ने सोमवार को थाना संगकरगढ़ क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए जीतलाल पटेल को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद उसे अदालत के समक्ष पेश किया गया, जहां से न्यायालय ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया।

अन्य आरोपियों की तलाश जारी

मामले में जांच एजेंसी की कार्रवाई अभी जारी है। ईओडब्ल्यू के अनुसार, इस प्रकरण में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है। जांच में सामने आई वित्तीय अनियमितताओं और सरकारी धन के कथित दुरुपयोग से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।

 

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