श्रीमद् भागवत कथा के दौरान कथा व्यास सतीश कुमार त्रिपाठी ने मार्मिक वर्णन किया

उन्नाव। नगर के मोहल्ला आदर्श नगर मैचलेस स्कूल के सामने सुशील कुमार बाजपेयी के आवास पर चल रही श्रीमद् भागवत कथा के दौरान कथा व्यास सतीश कुमार त्रिपाठी ने परीक्षित जी के जन्म और कलयुग के आगमन का मार्मिक वर्णन किया।


कथा व्यास ने बताया कि महाभारत युद्ध के बाद अश्वत्थामा ने ब्रह्मास्त्र का प्रयोग कर उत्तरा के गर्भ को नष्ट करने का प्रयास किया। तब भगवान श्रीकृष्ण ने उत्तरा के गर्भ में प्रवेश कर उस बालक की रक्षा की। उसी बालक का नाम परीक्षित रखा गया, क्योंकि उसने गर्भ में ही भगवान के दर्शन कर उनकी परीक्षा ली थी।


जन्म के बाद जब राजा युधिष्ठिर ने राजपाट परीक्षित को सौंपा और वे स्वर्गारोहण के लिए निकल गए, तभी धरती पर कलियुग ने प्रवेश किया। एक दिन राजा परीक्षित आखेट के लिए निकले तो उन्होंने देखा कि धर्म बैल के रूप में एक पैर पर खड़ा है और गौ माता रूपी पृथ्वी रो रही है। कलियुग रूपी व्यक्ति उन्हें पीट रहा है।

परीक्षित ने कलियुग को दंड देना चाहा तो कलियुग ने शरणागत होकर रहने के लिए स्थान मांगा। राजा परीक्षित ने दया कर कलियुग को चार स्थान दिए – जुआ, मदिरा, परस्त्री गमन और हिंसा, और पाँचवां स्थान सोने में दिया। कथा व्यास ने कहा कि जहाँ अधर्म होता है वहीं कलियुग का वास होता है। कथा सुन पंडाल में बैठे सैकड़ों श्रद्धालु भाव विभोर हो गए और जय श्रीकृष्ण के जयकारे गूंज उठे।

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