
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने जब वर्ल्ड कप ट्रॉफी जीतकर देश का नाम रोशन किया, तो जीत की गूंज सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के घर तक पहुंची। टीम इंडिया की ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा, जिन्होंने फाइनल में बल्ले और गेंद दोनों से कमाल किया, जब पीएम मोदी से मिलीं तो माहौल थोड़ा क्रिकेटी और थोड़ा आध्यात्मिक हो गया।
पीएम मोदी बोले — “कहिए DSP साहिबा, कैसी हैं आप?”
आगरा की रहने वाली दीप्ति जब मोदी से मिलीं, तो पीएम ने मुस्कुराते हुए कहा — “कहिए DSP साहिबा, कैसी हैं आप?”
(क्योंकि दीप्ति शर्मा यूपी पुलिस में DSP हैं)
इसके बाद पीएम की नज़र दीप्ति के हाथ पर बने हनुमान जी के टैटू पर पड़ी। उन्होंने मुस्कुराते हुए पूछा — “इनसे कुछ मदद मिलती है क्या?”
दीप्ति ने जवाब दिया — “जी सर, मैं जब भी नर्वस होती हूं, हनुमान जी मेरी मदद करते हैं। फाइनल मैच में भी जय श्रीराम बोलकर मैदान में उतरी थी।”
सुनते ही कमरे में हल्की मुस्कान के साथ तालियां गूंज उठीं।
“पिछली बार खाली हाथ आए थे, अब ट्रॉफी के साथ”
दीप्ति के भाई सुमित शर्मा, जो आगरा में क्रिकेट एकेडमी चलाते हैं, ने बताया — “पिछली बार दीप्ति और टीम इंडिया खाली हाथ लौटी थी, लेकिन इस बार ट्रॉफी लेकर आई है। मोदी जी से मिलना उनके लिए गर्व का पल था।”
उन्होंने बताया कि दीप्ति अब राष्ट्रपति से मुलाकात करेंगी और फिर महाकाल दर्शन के लिए उज्जैन जाएंगी। “मैच से पहले बोला था कि अगर जीत मिली तो महाकाल के दर्शन ज़रूर करेंगे।”
फाइनल में दिखाया ऑलराउंडर का जलवा
वर्ल्ड कप फाइनल में दीप्ति शर्मा ने दिखाया कि “शेरनी सिर्फ दहाड़ती नहीं, विकेट भी उड़ाती है।” उन्होंने पहले 58 रन की शानदार पारी खेली और फिर गेंदबाज़ी में 39 रन देकर 5 विकेट झटके।

ये उपलब्धि खास इसलिए है क्योंकि 2011 के वर्ल्ड कप में युवराज सिंह के बाद अब किसी भारतीय खिलाड़ी (चाहे पुरुष या महिला) ने 50+ रन और 5 विकेट का कमाल दोहराया है।
“हनुमान जी को याद करके हर ओवर डालती हूं”
दीप्ति ने बताया कि वो हर मैच से पहले हनुमान जी को याद करती हैं और मैदान पर उतरने से पहले “जय श्रीराम” बोलती हैं।
“वो मेरे आत्मविश्वास का सबसे बड़ा स्रोत हैं। जब मन डगमगाता है, तो बस वही संभालते हैं।”
अब अगला स्टॉप — महाकाल का दरबार
दीप्ति फिलहाल टीम के साथ दिल्ली में हैं। राष्ट्रपति से मिलने के बाद उज्जैन में महाकाल दर्शन करने जाएंगी।
“जैसे क्रिकेट में आखिरी ओवर में विकेट निकालना जरूरी होता है, वैसे ही आशीर्वाद लेना भी जरूरी है।” — दीप्ति के भाई ने मुस्कुराते हुए कहा।
दीप्ति शर्मा सिर्फ मैदान की ही नहीं, आस्था और आत्मविश्वास की भी चैंपियन हैं। उन्होंने साबित कर दिया — “जिनके पास हनुमान जी की कृपा और 140 km/h की यॉर्कर हो, उन्हें कोई नहीं रोक सकता।”
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