शामली: उत्तर प्रदेश के शामली में चार दिनों से बंद मकान के अंदर सॉफ्टवेयर इंजीनियर का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक नोएडा की एक कंपनी में कार्यरत थे और लंबे समय से वर्क फ्रॉम होम कर रहे थे। घर से तेज दुर्गंध आने पर पड़ोसियों को अनहोनी की आशंका हुई, जिसके बाद परिजनों ने मकान में प्रवेश किया। अंदर बेड पर शव सड़ी-गली अवस्था में मिला। परिवार ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया है।
45 वर्षीय सौरभ गर्ग घर में अकेले रहते थे
मृतक की पहचान मोहल्ला गुजरातियान निवासी 45 वर्षीय सौरभ गर्ग पुत्र अशोक गर्ग के रूप में हुई है। वह नोएडा की एक कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर थे। बताया गया है कि कोरोना काल के दौरान उनका पत्नी से तलाक हो गया था। इसके बाद से वह घर में अकेले रह रहे थे।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, सौरभ पिछले चार दिनों से किसी के संपर्क में नहीं थे। उनके मकान का मुख्य दरवाजा भी बंद था। शुरुआत में लोगों को लगा कि वह कहीं बाहर गए होंगे।
मोबाइल बंद होने पर परिजन भी थे परेशान
सौरभ के भाई पीयूष गर्ग और गौरव गर्ग ने भी उनसे फोन पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनका मोबाइल बंद मिला। मंगलवार को मकान से तेज दुर्गंध आने पर पड़ोसियों ने परिजनों को इसकी जानकारी दी।
सूचना मिलने के बाद दोनों भाई मौके पर पहुंचे। उन्होंने मकान की छत की ओर से अंदर जाने का रास्ता बनाया और शीशा तोड़कर घर में प्रवेश किया। अंदर कमरे में सौरभ का शव बेड पर पड़ा मिला। शव की हालत काफी खराब हो चुकी थी।
परिवार ने किया अंतिम संस्कार, पुलिस को शिकायत का इंतजार
घटना के बाद परिवार और मोहल्ले में शोक का माहौल है। परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया। पुलिस के मुताबिक, मामले में फिलहाल किसी तरह की शिकायत नहीं मिली है। अधिकारियों ने बताया कि मौत के कारणों की स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
मौत की वजह स्पष्ट नहीं
सौरभ की मौत किन परिस्थितियों में हुई, यह स्पष्ट नहीं हो सका है। कुछ संभावनाएं जताई जा रही हैं, लेकिन मौत को आत्महत्या या किसी अन्य कारण से हुई घटना मानने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि शिकायत मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
