
भारत को उसका 15वां उपराष्ट्रपति मिल गया है। सी. पी. राधाकृष्णन ने शुक्रवार को एक गरिमामय समारोह में इस महत्वपूर्ण पद की शपथ ली। उन्हें शपथ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में दिलाई।
पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ भी रहे मौजूद
शपथ ग्रहण समारोह में पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ भी मौजूद थे, जो उपराष्ट्रपति पद छोड़ने के बाद पहली बार किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में नज़र आए। समारोह के दौरान दोनों नेताओं की मौजूदगी ने भारत के लोकतंत्र की निरंतरता और गरिमा को और भी गहरा कर दिया।
चुनाव में 452 वोटों से जीते राधाकृष्णन
सी. पी. राधाकृष्णन ने मंगलवार को हुए चुनाव में कुल 452 वोट हासिल किए, जबकि उनके विपक्षी उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी को 300 वोट मिले। इस निर्णायक जीत ने उन्हें देश के दूसरे सर्वोच्च संवैधानिक पद पर पहुँचा दिया।

राधाकृष्णन की पृष्ठभूमि: अनुभव और विश्वास
67 वर्षीय राधाकृष्णन लंबे समय से भारतीय राजनीति में सक्रिय हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और तमिलनाडु से आने वाले राधाकृष्णन को एक अनुभवी और दृढ़ नेता माना जाता है। उपराष्ट्रपति के तौर पर वे राज्यसभा के सभापति की भूमिका भी निभाएंगे।
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