“मोदी तेरी कब्र खुदेगी” जैसे नारों से गूंजी कांग्रेस की वोट चोरी महारैली

शालिनी तिवारी
शालिनी तिवारी

देश की राजधानी दिल्ली का रामलीला मैदान आज कांग्रेस की ‘वोट चोरी’ महारैली के चलते राजनीति का अखाड़ा बन गया।
हालांकि रैली शुरू होने से पहले ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा लगाए गए आपत्तिजनक नारों ने माहौल गरमा दिया।
मोदी तेरी कब्र खुदेगी” जैसे नारों ने सियासी बहस को मुद्दे से हटाकर मर्यादा बनाम मर्यादाहीनता की तरफ मोड़ दिया।

नारे बने मुद्दा, BJP का तीखा रिएक्शन

बीजेपी ने इन नारों को लेकर कांग्रेस पर सीधा हमला बोला है। बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने इसे कांग्रेस का राजनीतिक अहंकार बताया और कहा कि “जब कांग्रेस मुद्दों पर कमजोर पड़ती है, तो भाषा और स्तर गिराने लगती है।”

संसद में चर्चा के बाद सड़क पर प्रदर्शन क्यों?

संबित पात्रा ने सवाल उठाया कि जिस ‘वोट चोरी’ मुद्दे पर संसद में चर्चा हो चुकी है, उसी पर कांग्रेस अब सड़क पर रैली क्यों कर रही है?

उन्होंने याद दिलाया कि कांग्रेस ने खुद संसद में इस मुद्दे पर चर्चा का नोटिस दिया था। गृह मंत्री ने बिंदुवार जवाब दिया। लेकिन कांग्रेस के पास कोई ठोस तर्क नहीं बचा।

पात्रा ने राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि “खादी पहनने से गंभीरता नहीं आती, सदन में बोलने से तैयारी का स्तर दिख जाता है।”

पीएम को निजी निशाना: ‘जनता ने हर बार नकारा’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर लगाए गए नारे पर बीजेपी और आक्रामक हो गई।
संबित पात्रा ने कहा कि “जब-जब कांग्रेस ने मोदी जी या उनकी माताजी पर व्यक्तिगत हमले किए हैं, जनता ने हर बार कांग्रेस को नकारा है।”

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने एक झूठी कहानी गढ़ी, लेकिन जब गृह मंत्री ने नेहरू से लेकर रायबरेली और सोनिया गांधी की नागरिकता तक
वोट चोरी का पूरा इतिहास सदन में रखा, तो कांग्रेस ने वॉकआउट कर लिया।

रैली का असली मकसद क्या?

बीजेपी प्रवक्ता ने कांग्रेस की मंशा पर सवाल उठाते हुए बड़ा आरोप लगाया।
पात्रा ने कहा कि “यह रैली लोकतंत्र के लिए नहीं, बल्कि घुसपैठियों को बचाने के लिए हो रही है।”

उन्होंने दावा किया कि जब सदन में घुसपैठियों का मुद्दा उठा, तो कांग्रेस ने विरोध किया और बाहर चली गई।

चुनाव आयोग क्यों नहीं?

बीजेपी ने कांग्रेस को नसीहत दी कि अगर बिहार या किसी अन्य राज्य में गड़बड़ी का शक है तो चुनाव आयोग में शिकायत की जाए।

पात्रा ने तंज कसते हुए कहा, “लेकिन कांग्रेस ऐसा नहीं करेगी, क्योंकि उद्देश्य समाधान नहीं, बदनाम करना है।”

मुद्दा वोट का या वॉल्यूम का?

आज की राजनीति में सवाल यह नहीं कि “वोट चोरी हुआ या नहीं?”

असल सवाल यह है कि “कौन ज़्यादा तेज़ नारा लगा सकता है?”

रामलीला मैदान में कांग्रेस का माइक्रोफोन गर्म है, और बीजेपी का आरोप उससे भी ज़्यादा।

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