नई दिल्ली: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने सेना से जुड़े कथित रिश्वत और भ्रष्टाचार मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए आर्मी के कर्नल हिमांशु बाली को गिरफ्तार किया है। उन पर सेना के टेंडरों में फायदा पहुंचाने के बदले रिश्वत लेने का आरोप है। सीबीआई ने इस मामले में एफआईआर दर्ज करने के बाद गिरफ्तारी की कार्रवाई की।
जानकारी के मुताबिक, कर्नल हिमांशु बाली आर्मी ऑर्डिनेंस कॉर्प्स की ईस्टर्न कमांड में फोर्ट विलियम, कोलकाता में तैनात थे। जांच एजेंसी का आरोप है कि उन्होंने टेंडर पास कराने और बिल क्लियर करने के बदले रिश्वत ली।
सेना के टेंडरों में भ्रष्टाचार का आरोप
सीबीआई की एफआईआर के अनुसार, कानपुर स्थित कंपनी ईस्टर्न ग्लोबल लिमिटेड के संचालकों पर सेना के टेंडर हासिल करने के लिए रिश्वत देने के आरोप लगे हैं। जांच एजेंसी का कहना है कि कंपनी को अनुचित तरीके से कई टेंडरों में फायदा पहुंचाया गया।
एफआईआर में दावा किया गया है कि कंपनी को लाभ पहुंचाने के बदले रिश्वत की डील की गई थी। आरोप है कि घटिया सैंपल पास कराने और बढ़े हुए बिलों को मंजूरी देने में भी अनियमितताएं की गईं।
कोलकाता में हुई थी अहम बैठक
सीबीआई जांच में यह भी सामने आया है कि 22 अप्रैल 2026 को कोलकाता के पार्क स्ट्रीट इलाके में कर्नल हिमांशु बाली और कंपनी के प्रतिनिधियों के बीच मुलाकात हुई थी।
जांच एजेंसी के मुताबिक, इस बैठक के दो दिन बाद यानी 24 अप्रैल को संबंधित टेंडर कंपनी को आवंटित कर दिया गया।
हवाला के जरिए पहुंचाई जानी थी रिश्वत
एफआईआर में यह भी आरोप लगाया गया है कि 16 मई 2026 को कर्नल बाली ने रिश्वत की बाकी रकम की मांग की थी। जांच में सामने आया कि करीब 50 लाख रुपये हवाला के जरिए दिल्ली-एनसीआर पहुंचाने की तैयारी चल रही थी।
सीबीआई ने इस मामले में अक्षत अग्रवाल, मयंक अग्रवाल, आशुतोष शुक्ला, नरेश पाल और कुछ अन्य अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया है।
भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत केस दर्ज
यह मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61(2) के तहत दर्ज किया गया है। मामले की जांच सीबीआई के डीएसपी सुनील कुमार की निगरानी में की जा रही है।
सेना से जुड़े इस हाई प्रोफाइल मामले में सीबीआई की कार्रवाई के बाद रक्षा प्रतिष्ठानों में भी हलचल तेज हो गई है।
