“सीमांचल में राहुलवा के रोड शो, ओवैसी-भाजपा सब हिल गए हो!”

गौरव त्रिपाठी
गौरव त्रिपाठी

बिहार के सीमांचल क्षेत्र—कटिहार, पूर्णिया, अररिया और किशनगंज—कब का सियासी दरबार बनल बा. ई इलाका ना त खाली सीमा से लगल बा, बलुक राजनीति के ‘सीमारेखा’ भी यहीं खिंचत बा।

राहुल गांधी के वोटर अधिकार यात्रा एही धरती पर धूल उड़ावत घूम रहल बा. खास बात ई बा कि इ यात्रा न केवल कांग्रेस खातिर, बलुक पूरा INDIA गठबंधन खातिर बड़ा दांव बन चुकल बा।

वोटर लिस्ट से कटे 7 लाख नाम: “ई कौन सिस्टम ह भाई?”

अब सुनिए असली मसला – स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के नाम पर सीमांचल से 7 लाख से ज्यादा वोटर्स के नाम काट दिए गइल. और सबसे बड़का झटका त मुस्लिम बहुल इलाकन में लागल बा:

जिला हटाए गए नाम
किशनगंज 1,45,668
पूर्णिया 2,73,920
कटिहार 1,84,254
अररिया 1,58,072

अब राहुल गांधी कहत बाड़ें – “नाम काटे वाला खेला बंद होई!”

सीमांचल का सियासी गणित: “मुस्लिम वोट + जातीय समीकरण = झार झार पसीना सबके”

किशनगंज में मुस्लिम आबादी 68%, अररिया में 43%, कटिहार 45% और पूर्णिया में 39%. यानी ई वोट बैंक जहिया जिधर लुढ़के, उहे कुर्सी तय करेला।

2015 में RJD-JDU-Congress गठबंधन 19 सीट जीतल. लेकिन 2020 में ओवैसी भैया की AIMIM ने 5 सीट मार के सबको चौंका दिहल। BJP भी 8 सीट निकाल के गदर काट दिहल।

अब AIMIM फिर से एंट्री के मूड में बा। भाई, मुस्लिम वोट के बंटवारा त तय बा।

INDIA गठबंधन में दिखी एकता, पर AIMIM, BJP और जनसुराज फोड़ेगें गणित?

राहुल गांधी संग तेजस्वी यादव और दीपांकर भट्टाचार्य भी स्टेज शेयर कइले बाड़ें। पप्पू यादव भी अगर जुड़लें, त गठबंधन के तगड़ी तस्वीर बन सकेला।

लेकिन AIMIM के एंट्री से “मुस्लिम वोट टूटी सटक सटक के” बीजेपी के फायदा पहुंचा सकेला, जइसन 2020 में भइल।

ऊपर से प्रशांत किशोर के जनसुराज पार्टी भी धीरे-धीरे झांप मारत चल रहल बा।

बीजेपी की रणनीति: दलित + EBC + साइलेंट वोटर = सियासी सेंध

BJP अब सीमांचल के दलित और Extremely Backward वर्ग पर जोर दे रहल बा. किशनगंज से पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ दिलीप जायसवाल खुद मैदान में बाड़ें। ई इलाका अब सिर्फ मुस्लिम वोट से ना, जातीय समीकरण से भी गर्म बा।

2025 के चुनाव में सीमांचल Battle Ground बने जा रहल बा। राहुल गांधी के यात्रा, AIMIM के फेक्टर, NDA के जातीय जोड़-तोड़, वोटर लिस्ट का घोटाला – ई सब मिलके एक फुल मस्त देसी पॉलिटिकल थ्रिलर तइयार करत बा।

जइसन एक बुजुर्ग वोटर कहले –“ई बार सीमांचल में वोट ना, सियासी इंकलाब होई!”

जिनका नाम वोटर लिस्ट से हट गइले बा, जल्दी से फॉर्म 6 भरके आवेदन कर दीहीं। वरना बाद में कहब “हमार वोट कहां गइल?” त फिर का फायदा!

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