UP के लाखों छात्रों को बड़ी राहत! योगी सरकार ने बढ़ाई गर्मी की छुट्टियां, अब इस तारीख से खुलेंगे स्कूल

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी और लगातार पड़ रही लू को देखते हुए योगी आदित्यनाथ सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रदेश के बेसिक शिक्षा परिषद के नियंत्रणाधीन तथा मान्यता प्राप्त विद्यालयों में ग्रीष्मकालीन अवकाश की अवधि बढ़ाकर 24 जून तक कर दी गई है। इस फैसले से राज्य के लाखों विद्यार्थियों और अभिभावकों को राहत मिली है।

25 जून से शुरू होगा नियमित पठन-पाठन

बेसिक शिक्षा एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा द्वारा जारी आदेश के अनुसार अब प्रदेश में हर वर्ष 20 मई से 24 जून तक ग्रीष्मकालीन अवकाश रहेगा। इसके बाद 25 जून से स्कूलों में नियमित कक्षाएं संचालित की जाएंगी।

सरकार का कहना है कि इस निर्णय का उद्देश्य विद्यार्थियों को भीषण गर्मी और हीट वेव के प्रभाव से सुरक्षित रखना तथा नए शैक्षणिक सत्र की व्यवस्थित शुरुआत सुनिश्चित करना है।

बार-बार छुट्टी बढ़ाने की समस्या होगी खत्म

पिछले वर्षों में प्रदेश के कई जिलों में भीषण गर्मी के कारण स्थानीय प्रशासन को बार-बार स्कूलों की छुट्टियां बढ़ानी पड़ती थीं। इससे शैक्षणिक कैलेंडर प्रभावित होता था और विद्यार्थियों व अभिभावकों के बीच असमंजस की स्थिति बन जाती थी।

नई व्यवस्था लागू होने के बाद पूरे प्रदेश में अवकाश को लेकर एक समान नीति लागू रहेगी, जिससे स्कूलों, शिक्षकों और अभिभावकों को स्पष्ट कार्यक्रम मिल सकेगा।

22 जून से स्कूल पहुंचेंगे शिक्षक और कर्मचारी

सरकार ने विद्यालय खुलने से पहले सभी आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश भी दिए हैं। इसके तहत 22, 23 और 24 जून को सभी शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक तथा शिक्षणेत्तर कर्मचारी विद्यालयों में उपस्थित रहेंगे।

इस दौरान विद्यालयों में लेसन प्लान तैयार किए जाएंगे, मध्याह्न भोजन व्यवस्था को अंतिम रूप दिया जाएगा, पाठ्यपुस्तकों के वितरण की तैयारी होगी और विद्यालय प्रबंध समिति की बैठकें आयोजित की जाएंगी।

इसके अलावा स्कूल परिसर, रसोईघर और शौचालयों की सफाई, खेल सामग्री की उपलब्धता तथा स्मार्ट क्लास और आईसीटी लैब को पूरी तरह क्रियाशील बनाने का कार्य भी किया जाएगा।

220 कार्यदिवस सुनिश्चित करने के निर्देश

शिक्षा विभाग ने निर्देश दिया है कि शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत निर्धारित न्यूनतम 220 कार्यदिवसों का पालन सुनिश्चित किया जाए। जिलाधिकारियों को भी स्थानीय स्तर पर अतिरिक्त अवकाश घोषित करने से पहले इन प्रावधानों को ध्यान में रखने को कहा गया है।

सरकार का मानना है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और विद्यार्थियों के बेहतर अधिगम परिणामों के लिए पर्याप्त शिक्षण दिवस सुनिश्चित करना बेहद आवश्यक है।

योग, स्वच्छता और मूलभूत सुविधाओं पर रहेगा जोर

आदेश में स्कूलों में बिजली, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं को सुचारु रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। साथ ही 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर शिक्षकों और विद्यार्थियों की सहभागिता से सामूहिक योग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

सरकार का उद्देश्य विद्यार्थियों को स्वस्थ जीवनशैली, अनुशासन और सकारात्मक सोच से जोड़ने के साथ-साथ बेहतर शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराना है।

 

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