राम मंदिर ट्रस्ट में बड़ा बदलाव, चंपत राय और अनिल मिश्रा का वेबसाइट से भी नाम हटा; 22 जुलाई को नई टीम का ऐलान संभव

लखनऊ: राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में संगठनात्मक बदलाव का सिलसिला तेज हो गया है। ट्रस्ट ने पूर्व महासचिव चंपत राय और पूर्व सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा से पूरी तरह दूरी बनाते हुए दोनों का नाम, फोटो और अन्य विवरण अपनी आधिकारिक वेबसाइट से हटा दिया है। अब वेबसाइट पर केवल 12 पदाधिकारियों और सदस्यों का विवरण उपलब्ध है।

चंपत राय ने 26 जून को महासचिव पद से और डॉ. अनिल मिश्रा ने ट्रस्टी पद से इस्तीफा दिया था। 27 जून को ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष ने इसकी पुष्टि की थी। इसके बाद 6 जुलाई को हुई ट्रस्ट की बैठक में दोनों के इस्तीफे औपचारिक रूप से स्वीकार कर लिए गए। बताया जा रहा है कि इसके बाद से दोनों ने राम मंदिर परिसर आना भी बंद कर दिया है।

वेबसाइट से हटाए गए नाम और विवरण

सोमवार को ट्रस्ट की वेबसाइट अपडेट की गई, जिसके बाद चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा का पूरा विवरण हटा दिया गया। वर्तमान में वेबसाइट पर ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास, अंतरिम महासचिव डॉ. कृष्ण मोहन, कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी सहित कुल 12 पदाधिकारियों और सदस्यों की जानकारी दर्ज है।

इनमें पद्मश्री के. परासरण, स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती महाराज, स्वामी विश्वप्रशन्नतीर्थ, परमानंद गिरी, दिनेंद्र दास के अलावा पदेन सदस्य के रूप में नृपेंद्र मिश्रा, आईएएस प्रशांत लोखंडे, आईएएस संजय प्रसाद और अयोध्या के जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी शामिल हैं।

22 जुलाई को डॉ. कृष्ण मोहन बन सकते हैं नए महासचिव

सूत्रों के अनुसार, 22 जुलाई को प्रस्तावित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में डॉ. कृष्ण मोहन को महासचिव पद की औपचारिक जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। 6 जुलाई की बैठक में उन्हें अंतरिम महासचिव बनाया गया था और अब उनके नाम पर औपचारिक अनुमोदन की संभावना जताई जा रही है।

नई टीम और नए चेहरों की तैयारी अंतिम चरण में

जानकारी के मुताबिक, ट्रस्ट में रिक्त पड़े तीन अन्य पदों पर भी नए सदस्यों की नियुक्ति की तैयारी अंतिम चरण में है। सूत्रों का कहना है कि संभावित नामों पर लगभग सहमति बन चुकी है और 22 जुलाई की बैठक में नई टीम का ऐलान किया जा सकता है।

इसी बीच अयोध्या राजपरिवार के सदस्य यतींद्र मोहन मिश्र को ट्रस्ट में सदस्य बनाए जाने की चर्चा भी तेज है। हालांकि, ट्रस्ट की ओर से इन संभावित नियुक्तियों को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

 

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