सऊदी अरब जाने वालों के लिए बड़ा बदलाव! 1 जुलाई से लागू होंगे नए यात्रा नियम, ब्रिटिश नागरिकों को मिलेगी 180 दिन तक ठहरने की सुविधा

लंदन: सऊदी अरब की यात्रा करने वाले ब्रिटिश नागरिकों के लिए 1 जुलाई 2026 से नई यात्रा व्यवस्था लागू होने जा रही है। यूनाइटेड किंगडम के विदेश मंत्रालय ने घोषणा की है कि अब ब्रिटिश पासपोर्ट धारक सऊदी अरब जाने के लिए इलेक्ट्रॉनिक ट्रैवल ऑथराइजेशन (ETA) के तहत आवेदन कर सकेंगे। इस कदम को दोनों देशों के बीच यात्रा प्रक्रिया को अधिक सरल और सुविधाजनक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

नई व्यवस्था के तहत केवल ब्रिटिश पासपोर्ट रखने वाले नागरिक ही इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। यह प्रणाली विशेष रूप से उन लोगों के लिए उपयोगी होगी जो पर्यटन, व्यापारिक गतिविधियों या अल्पकालिक अध्ययन के उद्देश्य से सऊदी अरब की यात्रा करना चाहते हैं।

एक अनुमति से कई बार यात्रा की सुविधा

नई इलेक्ट्रॉनिक ट्रैवल ऑथराइजेशन व्यवस्था के तहत यात्रियों को मल्टीपल एंट्री की सुविधा मिलेगी। इसका मतलब है कि एक ही इलेक्ट्रॉनिक अनुमति के आधार पर यात्री निर्धारित अवधि के भीतर कई बार सऊदी अरब आ-जा सकेंगे। इससे बार-बार वीजा प्रक्रिया से गुजरने की आवश्यकता कम होगी और यात्रा अधिक आसान बनेगी।

180 दिनों तक ठहरने की मिलेगी अनुमति

नई योजना के अनुसार पात्र ब्रिटिश नागरिक एक वर्ष की अवधि के दौरान कुल 180 दिनों तक सऊदी अरब में रह सकेंगे। यह प्रावधान पर्यटन, व्यापार और शैक्षणिक गतिविधियों के लिए यात्रा करने वाले लोगों को अधिक लचीलापन प्रदान करेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस व्यवस्था से दोनों देशों के बीच पर्यटन, निवेश और कारोबारी संबंधों को भी नई गति मिल सकती है।

सऊदी-यूके संबंधों को मिलेगा और बल

यूनाइटेड किंगडम के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि यह फैसला सऊदी अरब और ब्रिटेन के बीच लंबे समय से चले आ रहे मजबूत संबंधों को दर्शाता है। मंत्रालय के अनुसार, यह पहल उन प्रयासों की कड़ी है जिनके तहत दोनों देश नागरिकों के लिए यात्रा को अधिक सहज बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं।

मंत्रालय ने यह भी रेखांकित किया कि यह कदम उन सुविधाओं के अनुरूप है जो पहले यूनाइटेड किंगडम द्वारा सऊदी नागरिकों के लिए यात्रा प्रक्रियाओं को आसान बनाने के उद्देश्य से लागू की गई थीं।

पर्यटन और व्यापार क्षेत्र को मिल सकता है लाभ

नई व्यवस्था लागू होने के बाद सऊदी अरब की यात्रा करने वाले ब्रिटिश नागरिकों के लिए प्रवेश प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक सरल हो जाएगी। माना जा रहा है कि इससे पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही व्यापारिक यात्राओं और शैक्षणिक आदान-प्रदान में भी वृद्धि देखने को मिल सकती है।

 

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