भारत ने हाल ही में पाकिस्तान से जुड़े आतंकवाद के मुद्दे पर वैश्विक समर्थन जुटाने के लिए सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल भेजा है। इस प्रतिनिधिमंडल में विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसद शामिल हैं, जो जापान, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), रूस, स्पेन, और अन्य देशों का दौरा कर रहे हैं। शराब के लिए लाखों, पंडित के लिए सौ भी भारी! शादी में दक्षिणा पर आता है करंट जापान में प्रतिनिधिमंडल की बैठक: जेडीयू सांसद संजय कुमार झा के नेतृत्व में भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने जापान के विदेश मंत्री ताकेशी इवाया से मुलाकात की। उन्होंने…
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शराब के लिए लाखों, पंडित के लिए सौ भी भारी! शादी में दक्षिणा पर आता है करंट
भारतीय शादियों में सबकुछ होता है — नगाड़े, डांस, नोटों की बारिश, ब्राइडल एंट्री पर कोहरा और बारात में “लॉन्ड्री वाला लहंगा” पहनकर नागिन डांस करते मामा-मौसा। लेकिन जैसे ही विवाह के केंद्रबिंदु पंडित जी की दक्षिणा का वक्त आता है, परिवार के चेहरे पर ऐसी संजीदगी आ जाती है जैसे यूपीएससी का इंटरव्यू चल रहा हो। सलमान खान के गैलेक्सी अपार्टमेंट में 48 घंटे में दो घुसपैठ! शराब के लिए ओपन बार, पंडित जी के लिए 501 का लिफाफा! बारात में जैसे ही भांगड़ा शुरू होता है, 750ml के…
Read Moreसलमान खान के गैलेक्सी अपार्टमेंट में 48 घंटे में दो घुसपैठ!
बॉलीवुड के ‘भाईजान’ सलमान खान एक बार फिर सुरक्षा को लेकर सुर्खियों में हैं। मुंबई के बांद्रा स्थित गैलेक्सी अपार्टमेंट में दो अलग-अलग घुसपैठ की कोशिशें सामने आई हैं—और वह भी सिर्फ 48 घंटों के भीतर। इससे सलमान की Y+ सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। इजराइल से क्यों चिढ़ते हैं खाड़ी देश? अमेरिका का लाडला कैसे बना ताकतवर खिलाड़ी! पहली घटना: फैन या फितूरी? 20 मई को एक युवक, जिसका नाम जितेन्द्र कुमार सिंह (छत्तीसगढ़ निवासी) बताया जा रहा है, गैलेक्सी अपार्टमेंट में कार के पीछे छिपकर…
Read Moreइजराइल से क्यों चिढ़ते हैं खाड़ी देश? अमेरिका का लाडला कैसे बना ताकतवर खिलाड़ी!
इजराइल— एक ऐसा देश जो दुनिया के नक्शे पर जितना छोटा है, अंतरराष्ट्रीय राजनीति में उसका उतना ही बड़ा प्रभाव है। खासकर खाड़ी देशों के लिए, यह नाम न सिर्फ कूटनीतिक तनाव का प्रतीक है, बल्कि एक ऐतिहासिक संघर्ष की निरंतरता भी है। पर सवाल है — खाड़ी देशों को इजराइल से इतनी चिढ़ क्यों है? और अमेरिका इसके साथ क्यों खड़ा रहता है? वॉशिंगटन में दो इसराइली राजनयिकों की हत्या, भारत ने जताया सख़्त विरोध 1. अरब-इजराइल युद्धों की विरासत: शुरुआत कहां से हुई? 1948 में इजराइल की स्थापना…
Read Moreवॉशिंगटन में दो इसराइली राजनयिकों की हत्या, भारत ने जताया सख़्त विरोध
वॉशिंगटन डीसी, जो आमतौर पर अमेरिकी प्रशासन और कूटनीति का शांत केंद्र माना जाता है, मंगलवार रात उस वक्त दहल उठा जब यहूदी संग्रहालय के पास दो इसराइली राजनयिकों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। ये घटना अमेरिका और इजराइल के लिए ही नहीं, बल्कि भारत जैसे देशों के लिए भी गंभीर चिंता का विषय बन गई है। POK सिर्फ ज़मीन नहीं, भारत की नसों से जुड़ा है – जानिए क्यों! भारत की तीखी प्रतिक्रिया: जयशंकर ने कहा— अपराधियों को मिले कड़ी सजा भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस…
Read MorePOK सिर्फ ज़मीन नहीं, भारत की नसों से जुड़ा है – जानिए क्यों!
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK), यानी वो हिस्सा जो भारत का अभिन्न अंग है लेकिन 1947-48 के युद्ध के बाद से पाकिस्तान के कब्जे में है। आज यह हिस्सा फिर से चर्चा में है — राजनीतिक गलियारों से लेकर सेना की रणनीति तक। लेकिन सवाल है, POK भारत के लिए इतना ज़रूरी क्यों है? बीकानेर में गरजे PM मोदी: जो सिंदूर मिटाने निकले थे, अब मिट्टी में मिल चुके हैं सामरिक महत्व: दुश्मन की निगाह और भारत की तैयारी LOC का सीधा नियंत्रण:POK भारत की सीमाओं को रणनीतिक रूप से बेहद…
Read Moreबीकानेर में गरजे PM मोदी: जो सिंदूर मिटाने निकले थे, अब मिट्टी में मिल चुके हैं
बीकानेर की तपती दोपहर और उत्साही जनसमूह के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भाषण न सिर्फ़ गरमजोशी से भरा था, बल्कि उसमें आत्मविश्वास और आक्रामक राष्ट्रवाद की स्पष्ट झलक थी। पीएम मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर का ज़िक्र करते हुए कहा कि — “22 तारीख को हमला हुआ और 22 मिनट में जवाब दे दिया गया!” राजनीति की असली फिल्म: नेता गुप्त दोस्त, समर्थक खुले दुश्मन! उन्होंने यह भी जोड़ा कि— “जो सिंदूर मिटाने निकले थे, अब मिट्टी में मिल चुके हैं।” उनकी यह टिप्पणी सीधे-सीधे पाकिस्तान को लेकर थी। पीएम…
Read Moreराजनीति की असली फिल्म: नेता गुप्त दोस्त, समर्थक खुले दुश्मन!
भारतीय राजनीति में कुछ भी स्थायी नहीं होता – ना दोस्ती, ना दुश्मनी। और सबसे दिलचस्प बात? मंच पर दुश्मनी और मंच के पीछे “दुश्मन मेरा यार है” वाली फीलिंग। राजनीतिक नेताओं की वही दुनिया है जहां कैमरे के सामने तलवारें खींची जाती हैं, और कैमरे के पीछे बटर चिकन और गरम चाय शेयर की जाती है। UPPSC RO ARO 2025: जानिए पूरा सिलेबस, परीक्षा पैटर्न और Mock Test एक क्लिक में! कल्याण सिंह और मुलायम सिंह यादव: भिड़ंत या भाईचारा? उत्तर प्रदेश की राजनीति में कल्याण सिंह और मुलायम…
Read MoreUPPSC RO ARO 2025: जानिए पूरा सिलेबस, परीक्षा पैटर्न और Mock Test एक क्लिक में!
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) हर साल समीक्षा अधिकारी (RO) और सहायक समीक्षा अधिकारी (ARO) पदों के लिए भर्ती परीक्षा आयोजित करता है। UPPSC RO ARO भर्ती प्रक्रिया में कुल तीन चरण होते हैं: प्रारंभिक परीक्षा मुख्य परीक्षा टाइपिंग टेस्टइसके बाद दस्तावेज़ सत्यापन होता है। UPPSC RO ARO प्रारंभिक परीक्षा पैटर्न पेपर विषय कुल प्रश्न कुल अंक समय अवधि पेपर 1 सामान्य अध्ययन 140 140 120 मिनट पेपर 2 सामान्य हिंदी 60 60 60 मिनट प्रश्न वस्तुनिष्ठ होंगे। हर गलत उत्तर पर 0.33 अंक की निगेटिव मार्किंग होगी। पेपर 2…
Read Moreसुभासपा की नजर सिख वोट बैंक पर! लखनऊ में महेंद्र सिंह बावा को मिली बड़ी ज़िम्मेदारी
राजनीति में वोट बैंक की रणनीति अब नए रंग ले रही है। अक्सर मुस्लिम समाज पर फोकस करने वाली सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) ने अब सिख समुदाय की ओर भी हाथ बढ़ाया है। पार्टी ने महेंद्र सिंह बावा को लखनऊ जिले में अल्पसंख्यक मोर्चा का अध्यक्ष नियुक्त किया है। यह कदम सिर्फ एक नियुक्ति नहीं, बल्कि सूबे की सियासत में बदलते समीकरणों का संकेत है। क्यों अहम है महेंद्र सिंह बावा की ताजपोशी? महेंद्र सिंह बावा लखनऊ सिख समाज के प्रभावशाली चेहरों में से एक हैं। धार्मिक और सामाजिक…
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