
उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में मंगलवार सुबह एक भीषण सड़क हादसा हो गया। यात्रियों से भरी एक बस भिकियासैंण-विनायक मार्ग पर अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गई, जिसमें अब तक 7 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। हादसे में कई यात्री गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
द्वारहाट से रामनगर जा रही थी बस
जानकारी के अनुसार, यह यात्री बस सुबह करीब 6 बजे द्वारहाट से रामनगर के लिए रवाना हुई थी। जैसे ही बस शिलापनी क्षेत्र के पास पहुंची, अचानक संतुलन बिगड़ गया और बस सड़क से फिसलकर खाई में जा गिरी।
पहाड़ों में एक पल की चूक और पूरी बस इतिहास बन जाती है — यही इस हादसे की सबसे बड़ी त्रासदी है।
चीख-पुकार, फिर शुरू हुआ रेस्क्यू
बस के खाई में गिरते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई। राहगीरों और स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और मानवता की मिसाल पेश करते हुए खुद रेस्क्यू में जुट गए।
पुलिस के पहुंचने तक कई घायलों को बाहर निकालकर भिकियासैंण अस्पताल भेजा गया।
थाने से महज 100 मीटर दूर हुआ हादसा
आपदा अधिकारी विनीत पाल ने बताया कि यह हादसा पुलिस थाने से सिर्फ 100 मीटर की दूरी पर हुआ। खाई काफी गहरी होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
SDRF, प्रशासन और पुलिस मौके पर
हादसे की सूचना मिलते ही:

- SDRF टीम
- जिलाधिकारी (DM)
- उपजिलाधिकारी (SDM)
- स्थानीय पुलिस
मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य तेज किया गया। मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
हादसे की वजह अब भी सवाल
पुलिस के अनुसार, हादसा ड्राइवर की गलती, तकनीकी खराबी, या मानवीय चूक — इन सभी एंगल से जांच की जा रही है। घायलों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
पहाड़ी सड़कों पर सुरक्षा इंतजामों की पोल हर हादसे के साथ खुलती है, लेकिन सबक लेना अब भी बाकी है।
जब तक हादसा नहीं होता, तब तक सड़क सुरक्षित मानी जाती है। और हादसे के बाद… “जांच के आदेश दे दिए गए हैं।”
‘हम भारतीय हैं’ कहना पड़ा भारी, गाली से शुरू हुई कहानी चाकू पर खत्म
