वृहद विधिक सेवा एवं सहायता शिविर में पात्र लाभार्थियों को वितरित किए गए विभिन्न योजनाओं के हितलाभ
झाँसी। न्याय केवल अदालतों में मुकदमों के निस्तारण तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े वंचित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक उसके संवैधानिक अधिकार तथा सरकारी योजनाओं का लाभ पहुँचाना ही वास्तविक न्याय है। यह विचार इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति एवं जनपद झाँसी के प्रशासनिक न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री समित गोपाल ने रविवार को बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के गांधी सभागार में आयोजित “वृहद विधिक सेवा एवं सहायता शिविर” (मेगा कैंप) को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए व्यक्त किए।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में आयोजित शिविर में विभिन्न जनकल्याणकारी विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए। मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति समित गोपाल ने फीता काटकर प्रदर्शनी का शुभारंभ किया तथा जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष कमलेश कच्छल, जिलाधिकारी श्री गौरांग राठी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री विकास कुमार एवं मुख्य विकास अधिकारी श्री रामेश्वर सुधाकर सब्बनवाड के साथ विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया। उन्होंने लाभार्थियों से संवाद कर योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी स्थिति की जानकारी भी ली।
मुख्य समारोह का शुभारंभ दृष्टिबाधित छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना एवं दीप प्रज्वलन से हुआ। जनपद न्यायाधीश कमलेश कच्छल ने कहा कि जानकारी के अभाव एवं कागजी जटिलताओं के कारण कई पात्र नागरिक अपने अधिकारों एवं योजनाओं के लाभ से वंचित रह जाते हैं। न्यायपालिका एवं प्रशासन के समन्वित प्रयास से ऐसे पात्र लोगों को एक ही मंच पर योजनाओं का लाभ दिलाने की पहल की गई है।
जिलाधिकारी गौरांग राठी ने न्यायपालिका के मार्गदर्शन में संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की जानकारी दी।
शिविर में मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति समित गोपाल द्वारा विभिन्न योजनाओं के पात्र लाभार्थियों को हितलाभ वितरित किए गए। दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा दृष्टिबाधित दिव्यांगजनों को स्मार्ट स्टिक तथा अस्थिबाधित दिव्यांगजनों को व्हीलचेयर प्रदान की गई। डूडा एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री आवास योजनाओं के लाभार्थियों को आवास की चाबियां एवं स्वीकृति-पत्र वितरित किए गए।
इसी क्रम में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के अंतर्गत युवाओं को ऋण एवं अनुदान के चेक तथा आईटीआई एवं कौशल विकास के प्रशिक्षुओं को प्रमाण-पत्र एवं टूलकिट प्रदान किए गए।
कार्यक्रम के अंत में मेगा शिविर के नोडल अधिकारी एवं अपर जनपद न्यायाधीश शरद कुमार चौधरी ने सभी अतिथियों, विभागीय अधिकारियों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। शिविर के सफल आयोजन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री मुन्ना लाल की विशेष भूमिका रही।
इस अवसर पर परिवार न्यायालय, कमर्शियल कोर्ट, लारा कोर्ट एवं एमएसीटी कोर्ट के पीठासीन अधिकारियों सहित न्यायिक अधिकारीगण, जिला अधिवक्ता संघ के पदाधिकारी, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के विधि विभागाध्यक्ष, विभिन्न विभागों के अधिकारी, अधिवक्तागण एवं पराविधिक स्वयंसेवक उपस्थित रहे।
