महिला सशक्तिकरण की मिसाल बनकर उभरी नेहा वर्मा, किया जनपद का नाम रोशन

बांगरमऊ,उन्नाव महिला सशक्तिकरण की मिसाल बनकर उभरी हैंख तहसील क्षेत्र के छोटे से गांव दसगवां की बेटी नेहा वर्मा। किसान इंद्रपाल वर्मा और गृहिणी लक्ष्मी देवी की बेटी नेहा ने मुरादाबाद में आयोजित नेशनल सिलेक्शन के मंडल स्तरीय मुकाबलों में अपने बल्ले का ऐसा जौहर दिखाया कि प्रदेश में जनपद का नाम रोशन हो गया।


19 मंडलों की टीमों के बीच खेले गए 15-15 ओवर के नॉकआउट मुकाबलों में कानपुर मंडल की कप्तानी संभाल रही नेहा ने चार पारियों में 212 रन ठोककर टूर्नामेंट की सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज होने का गौरव हासिल किया। उनकी बेखौफ बल्लेबाजी और शानदार कप्तानी के दम पर कानपुर मंडल ने कांस्य पदक अपने नाम किया।

नेहा की यह सफलता केवल आंकड़ों की कहानी नहीं, बल्कि हौसले और संघर्ष की दास्तान है। खेत की मिट्टी में पली-बढ़ी इस बेटी ने बड़े सपने देखे। सपने को हकीकत बनाने के लिए गांव की सीमा लांघकर कानपुर का रुख किया। कानपुर के कपिल क्रिकेट कोचिंग सेंटर, जेके कॉलोनी, जाजमऊ में भारतीय क्रिकेटर कुलदीप यादव और अंडर-19 वर्ल्ड कप विजेता अर्चना देवी के कोच कपिल देव पांडेय के मार्गदर्शन में कड़ी ट्रेनिंग ली।

पिता के पसीने और मां के विश्वास से सींचे इस सपने को पूरा करने में बड़ी बहन निधि वर्मा और भाई अतुल वर्मा का भी भरपूर सहयोग रहा। किसान परिवार से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने वाली नेहा आज बांगरमऊ ही नहीं, बल्कि पूरे उन्नाव की बेटियों के लिए प्रेरणा बन गई हैं। उसने साबित कर दिया कि बेटियां यदि ठान लें तो खेल के मैदान से लेकर हर क्षेत्र में सफलता का परचम लहरा सकती हैं।

Related posts