पॉक्सो अधिनियम के प्रति विशेष सघन जागरूकता अभियान का शुभारंभ……

विद्यालयों में आयोजित होंगे विधिक जागरूकता शिविर, न्यायिक मजिस्ट्रेट विद्यार्थियों को करेंगे जागरूक

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       झांसी (देवेश प्रताप सिंह राठौर) उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के दिशा-निर्देशानुसार एवं जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कमलेश कच्छल के मार्गदर्शन में जनपद में बच्चों एवं बालिकाओं की सुरक्षा हेतु पॉक्सो (POCSO) अधिनियम के प्रति विशेष सघन जागरूकता अभियान की आज विधिवत शुरुआत की गई। अभियान के अंतर्गत दिनांक 25 सितम्बर से 02 अक्टूबर 2026 तक जनपद के विभिन्न विद्यालयों एवं शिक्षण संस्थानों में प्रतिदिन विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में न्यायिक मजिस्ट्रेट स्वयं उपस्थित होकर छात्र-छात्राओं को बाल सुरक्षा कानूनों एवं उनके विधिक अधिकारों के प्रति जागरूक करेंगे।

        अभियान के प्रथम दिन बुंदेलखंड सेवा मंडल द्वारा संचालित महारानी लक्ष्मीबाई इंटर कॉलेज, झांसी में एक दिवसीय विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सिविल जज (सी.डि.)/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ईशा त्रिपाठी, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (रेलवे) प्रतीक त्रिपाठी, चीफ लीगल एड डिफेंस काउन्सिल श्री प्रतीक समाधिया, बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष राजीव शर्मा, विद्यालय के प्रबंधक प्रभात कुमार सक्सेना, बुंदेलखंड सेवा मंडल के पर्यवेक्षक गजानन खानवलकर, प्रधानाचार्य अरविन्द कुमार ओझा एवं एनसीसी केयर टेकर श्यामली सिंह सहित शिक्षकगण, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं।

       शिविर को संबोधित करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव ईशा त्रिपाठी ने छात्राओं को सुरक्षित परिवेश, शारीरिक एवं मानसिक शोषण से बचाव, गुड टच एवं बैड टच के अंतर तथा साइबर सुरक्षा के प्रति सजग रहने की जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार के अनुचित व्यवहार अथवा उत्पीड़न को सहन न करें, बल्कि तत्काल अपने माता-पिता, शिक्षकों अथवा संबंधित विधिक संस्थाओं को इसकी जानकारी दें। उन्होंने बताया कि बच्चों की सुरक्षा एवं गरिमा की रक्षा के लिए कानून में आवश्यक प्रावधान किए गए हैं।

        अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (रेलवे) प्रतीक त्रिपाठी ने छात्र-छात्राओं को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो एक्ट), 2012 के प्रमुख कानूनी प्रावधानों, विधिक अधिकारों तथा बालकों के विरुद्ध लैंगिक अपराधों पर लागू दंडात्मक प्रावधानों की सरल भाषा में जानकारी दी।

        चीफ लीगल एड डिफेंस काउन्सिल प्रतीक समाधिया ने न्यायालय में पीड़ित बच्चों एवं जरूरतमंद व्यक्तियों को उपलब्ध कराई जाने वाली निःशुल्क विधिक सहायता एवं पैरवी की प्रक्रिया के संबंध में जानकारी दी। वहीं बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष राजीव शर्मा ने बाल कल्याण समिति की कार्यप्रणाली तथा संकटग्रस्त बच्चों की देखरेख, संरक्षण एवं पुनर्वास से संबंधित व्यवस्थाओं के बारे में बताया।

       कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को आपातकालीन सहायता एवं आवश्यक सेवाओं के लिए नालसा की 24×7 राष्ट्रीय हेल्पलाइन 15100, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, वूमेन पावर लाइन 1090 तथा आपातकालीन सेवा 112 की जानकारी दी गई। साथ ही विद्यार्थियों को विधिक जागरूकता संबंधी पम्पलेट वितरित किए गए।

अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री अरविन्द ओझा ने न्यायिक अधिकारियों एवं उपस्थित अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

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