आजमगढ़: उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में पूजा-पाठ के दौरान विवाद के बाद सनसनीखेज वारदात सामने आई है। अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में मंगलवार शाम घर में भाई की आत्मा की शांति के लिए पूजा चल रही थी। इसी दौरान घर पहुंचे अरविंद सिंह का पंडितों से आधार कार्ड मांगने को लेकर विवाद हो गया। आरोप है कि इसके बाद उसने पिस्टल से फायरिंग कर दी। गोली लगने से उसकी पत्नी बबिता सिंह और दो पंडितों महेंद्र पाठक व अखिलेश मिश्रा की मौके पर ही मौत हो गई।
भाई की मौत के बाद रखी गई थी पूजा
बताया जा रहा है कि करीब दो साल पहले अरविंद सिंह के भाई गुड्डू सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसके बाद परिवार की ओर से भाई की आत्मा की शांति के लिए नारायणी बली पूजा कराने की बात तय हुई थी। हालांकि, अरविंद इस पूजा के खिलाफ था। उसने अपनी पत्नी और मां से पूजा नहीं कराने को कहा था। इसके बावजूद घर में पूजा रखी गई।
घर पहुंचते ही पंडितों से मांगा आधार कार्ड
जानकारी के मुताबिक, सोमवार से ही अरविंद की पत्नी और मां ने पंडितों को बुलाकर घर में पूजा-पाठ शुरू कराया था। आरोप है कि सोमवार को अरविंद ने पंडितों को अगले दिन घर नहीं आने की चेतावनी भी दी थी। इसके बावजूद मंगलवार को दोनों पंडित पूजा कराने के लिए घर पहुंचे।
मंगलवार शाम करीब 6 बजे अरविंद बाजार से अपने घर पहुंचा। घर में पूजा होते देखकर उसने सवाल किया और दोनों पंडितों से आधार कार्ड मांगना शुरू कर दिया। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया। पत्नी के साथ भी उसकी बहस हुई। इसके बाद आरोप है कि अरविंद ने घर में रखी पिस्टल से फायरिंग कर दी।
गोली लगने से तीन लोगों की मौके पर मौत
फायरिंग में अरविंद की पत्नी बबिता सिंह के अलावा पंडित महेंद्र पाठक और पंडित अखिलेश मिश्रा को गोली लगी। तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।
तीन बच्चों के साथ घर में कैद हुआ आरोपी
वारदात के बाद आरोपी अरविंद सिंह अपने तीन बच्चों के साथ घर के अंदर ही कैद हो गया। खबर है कि बाद में उसने अपने बेटे को भी गोली मार दी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए।
पुलिस ने घर को चारों तरफ से घेरा
घटना की सूचना मिलने के बाद एसपी डॉ. अनिल कुमार, एसपी ग्रामीण चिराग जैन और तीन थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची। पुलिस ने आरोपी के घर को चारों तरफ से घेर लिया। मामले में पुलिस की कार्रवाई जारी है।
