योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला, हरिद्वार तक पहुंचेगा गंगा एक्सप्रेसवे; बिजनौर से लखनऊ और हरिद्वार का सफर होगा आसान

लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में गंगा एक्सप्रेसवे को हरिद्वार तक विस्तारित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे 6 लेन का होगा, जिसे भविष्य में 8 लेन तक विस्तारित किया जा सकेगा। इस परियोजना से बिजनौर समेत आसपास के क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहतर होने के साथ व्यापार, पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

10,761 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत

हरिद्वार तक गंगा एक्सप्रेसवे के विस्तार पर अनुमानित 10,761 करोड़ रुपये खर्च होने की संभावना है। इस परियोजना के लिए केंद्र सरकार की किसी वित्तीय भागीदारी का प्रस्ताव नहीं है। कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद अब विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने समेत आगे की आवश्यक प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

बिजनौर को मिलेगी हरिद्वार से बेहतर कनेक्टिविटी

उत्तराखंड की सीमा से सटे बिजनौर जिले के लिए यह परियोजना काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। फिलहाल बिजनौर से हरिद्वार के बीच प्रमुख संपर्क मार्ग के रूप में मेरठ-बिजनौर-हरिद्वार राष्ट्रीय मार्ग उपलब्ध है। गंगा एक्सप्रेसवे के विस्तार के बाद बिजनौर से हरिद्वार तक तेज और बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है।

लखनऊ से भी आसान होगा संपर्क

गंगा एक्सप्रेसवे के हरिद्वार तक पहुंचने से बिजनौर की प्रदेश की राजधानी लखनऊ से भी कनेक्टिविटी बेहतर होगी। इससे जिले में व्यापार, निवेश और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है। बेहतर सड़क संपर्क से क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिल सकती है।

प्रयागराज से हरिद्वार तक बनेगा एक्सप्रेसवे गलियारा

गंगा एक्सप्रेसवे के हरिद्वार तक विस्तार के बाद प्रयागराज और हरिद्वार के बीच प्रवेश नियंत्रित एक्सप्रेसवे नेटवर्क विकसित होगा। गंगा तट पर स्थित दोनों प्रमुख कुंभ नगरियों के बीच आवागमन तेज और सुगम होने की उम्मीद है। इससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भी यात्रा में सुविधा मिलेगी।

धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

एक्सप्रेसवे के विस्तार से हरिद्वार, बिजनौर और गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़े अन्य क्षेत्रों में धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने की संभावना है। बेहतर कनेक्टिविटी के कारण पर्यटन से जुड़ी आर्थिक गतिविधियों में भी तेजी आ सकती है।

रोजगार के नए अवसर बनने की उम्मीद

परियोजना के निर्माण के दौरान प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। इसके अलावा एक्सप्रेसवे के आसपास व्यापार, निवेश और अन्य आर्थिक गतिविधियों के बढ़ने से क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को भी गति मिलने की उम्मीद है।

 

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