मैनपुरी के समान पक्षी विहार के पास पर्यटन विकास को मिली मंजूरी, 6 हेक्टेयर जमीन पर्यटन विभाग को होगी हस्तांतरित

लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रीपरिषद की बैठक में मैनपुरी स्थित प्रसिद्ध समान पक्षी विहार के निकट पर्यटन सुविधाओं के विकास से जुड़ा बड़ा फैसला लिया गया। बैठक में ग्राम समान की 6 हेक्टेयर ग्रामसभा भूमि पर्यटन विभाग के पक्ष में निःशुल्क हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।

दुर्लभ पक्षियों के संरक्षण के साथ बढ़ेंगी पर्यटकों की सुविधाएं

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि यह भूमि मैनपुरी की किशनी तहसील के समान पक्षी विहार के पास ग्राम समान में स्थित है। ग्राम समाज की यह भूमि ऊसर है और इसे पक्षी वन्यजीव विहार से जुड़े विकास कार्यों के लिए प्रस्तावित किया गया था। भूमि पर्यटन विभाग को मिलने के बाद यहां पर्यटकों के लिए आवश्यक पर्यटन अवस्थापना सुविधाओं के विकास के साथ पक्षियों के संरक्षण से जुड़ी व्यवस्थाओं को भी मजबूत किया जा सकेगा।

रामसर स्थल है समान पक्षी विहार

समान पक्षी विहार मैनपुरी का महत्वपूर्ण आर्द्रभूमि क्षेत्र है और इसे रामसर स्थल के रूप में संरक्षित किया गया है। यहां सारस, क्रेन समेत कई प्रजातियों के प्रवासी पक्षी पहुंचते हैं। यह क्षेत्र गंगा के मैदानी इलाके में स्थित एक मौसमी झील के आसपास फैला हुआ है, जिसके चलते यह पक्षी प्रेमियों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। समान ग्राम स्थित इस स्थल को वर्ष 2019 में संरक्षित रामसर स्थल घोषित किया गया था।

पक्षी दर्शन और फोटोग्राफी के लिए प्रमुख स्थान

पर्यटन मंत्री के अनुसार समान रामसर स्थल करीब 5.25 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला है। यह क्रेन पक्षियों को देखने के लिए प्रदेश के प्रमुख स्थानों में शामिल है। यहां पक्षी दर्शन और फोटोग्राफी के साथ नाव की सवारी के जरिए पक्षियों को करीब से देखने का अवसर भी मिलता है।

सड़क और रेल मार्ग से जुड़ा है समान पक्षी विहार

समान पक्षी विहार आगरा-मैनपुरी-फर्रूखाबाद मार्ग पर ग्राम समान में स्थित है। यह मैनपुरी शहर से करीब 30 किलोमीटर दूर है और आगरा-अलीगढ़ सड़क मार्ग से भी जुड़ा हुआ है। यहां रेल मार्ग से भी पहुंचा जा सकता है। पर्यटन विभाग के अनुसार, नई भूमि उपलब्ध होने से पर्यटकों के लिए सुविधाओं के विकास को बेहतर तरीके से आगे बढ़ाया जा सकेगा।

प्रदेश के कई पक्षी विहारों में पहुंचते हैं प्रवासी पक्षी

उत्तर प्रदेश में कई प्रमुख पक्षी विहार हैं, जहां देश-विदेश से विभिन्न प्रजातियों के पक्षी खासकर शरद ऋतु में पहुंचते हैं। इनमें कन्नौज का चंद्रशेखर पक्षी विहार, हरदोई का सैंडी पक्षी विहार, संतकबीरनगर का बखीरा पक्षी विहार, महोबा का विजय सागर पक्षी विहार, उन्नाव का लाख बहोसी पक्षी विहार, प्रतापगढ़ का डॉ. भीमराव आंबेडकर पक्षी विहार, बलिया का सुरहाताल पक्षी विहार, गौतमबुद्ध नगर का ओखला पक्षी विहार, आगरा का सूरसरोवर पक्षी विहार, मैनपुरी का समान पक्षी विहार और एटा का पटन पक्षी विहार शामिल हैं।

सरकार पर नहीं पड़ेगा अतिरिक्त वित्तीय भार

पर्यटन मंत्री ने बताया कि भूमि पर्यटन विभाग को निःशुल्क हस्तांतरित किए जाने से समान पक्षी विहार के आसपास पर्यटन सुविधाओं के विकास के लिए पर्याप्त भूमि उपलब्ध होगी। इससे स्थानीय और प्रवासी पक्षियों के संरक्षण तथा उनकी संख्या में वृद्धि के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं विकसित की जा सकेंगी। साथ ही पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। ग्राम समाज की भूमि निःशुल्क हस्तांतरण होने के कारण राज्य सरकार पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा।

 

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