लखनऊ: उत्तर प्रदेश में पिछले चार-पांच दिनों से कमजोर पड़ा मानसून अब फिर सक्रिय होने जा रहा है। शुक्रवार से पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है, जो धीरे-धीरे पश्चिमी जिलों तक पहुंचेगा। मौसम विभाग के मुताबिक 17 अगस्त तक प्रदेश के कई हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। लखनऊ और कानपुर समेत 45 जिलों में गरज-चमक के साथ वज्रपात का अलर्ट जारी किया गया है।
चार दिनों तक बारिश का दौर रहने की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार से 17 अगस्त तक पूर्वी यूपी से लेकर पश्चिमी जिलों तक मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है। बारिश की शुरुआत पूर्वांचल के प्रयागराज, सोनभद्र, मिर्जापुर और वाराणसी समेत आसपास के जिलों से होने का अनुमान है।
पिछले कुछ दिनों से प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में मानसून की गतिविधियां कमजोर रही हैं। राजधानी समेत करीब 40 जिलों में बादलों की आवाजाही और बीच-बीच में धूप निकलने के कारण उमस बढ़ गई है।
25 जिलों में शुक्रवार को जमकर बरसेंगे बादल
वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक शुक्रवार को प्रतापगढ़, सुल्तानपुर, अमेठी और अयोध्या समेत करीब 25 जिलों में बारिश होने की संभावना है। इन इलाकों में कुछ स्थानों पर तेज बारिश भी हो सकती है।
इसके अलावा लखनऊ और कानपुर समेत 45 जिलों में गरज-चमक के साथ वज्रपात का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है।
लखनऊ में सामान्य से 3 डिग्री ज्यादा रहा तापमान
राजधानी लखनऊ में गुरुवार को दिनभर आसमान काफी हद तक साफ रहा। इसके चलते अधिकतम तापमान 36.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से तीन डिग्री अधिक रहा। बुधवार को भी अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर दर्ज किया गया था।
मौसम में बढ़ी उमस और तापमान के बीच अब बारिश होने से प्रदेश के कई हिस्सों में लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
शनिवार को लखनऊ और पश्चिमी यूपी में बढ़ेगा बारिश का असर
मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को बारिश का प्रभाव लखनऊ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में देखने को मिल सकता है। शुक्रवार को प्रदेश के करीब 40 जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया गया।
अगले कुछ दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने से तापमान में गिरावट आने की संभावना है।
अगस्त में पूर्वी यूपी में 31 फीसदी कम बारिश
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार अगस्त के पहले सप्ताह में मानसून सक्रिय रहा, लेकिन दूसरे सप्ताह में इसकी गतिविधियां कमजोर पड़ गईं। इसके कारण पूर्वी उत्तर प्रदेश में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई।
एक से 13 अगस्त के बीच पूर्वी यूपी में सामान्य तौर पर 489.4 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन इस अवधि में 335.6 मिलीमीटर बारिश ही हुई। यह सामान्य से 31 फीसदी कम है।
पूरे यूपी में सामान्य से 24 फीसदी कम बारिश
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में एक से 13 अगस्त के बीच सामान्य से 11 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई। वहीं पूरे प्रदेश में 13 दिनों के दौरान सामान्य से 24 फीसदी कम बारिश हुई है।
हालांकि, मौसम विभाग ने अगले चार से पांच दिनों के दौरान पूरे उत्तर प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ने और कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई है।
