देहरादून: रक्षाबंधन के मौके पर उत्तराखंड की बहनों को इस बार सरकार की ओर से बड़ा तोहफा मिल सकता है। परिवहन निगम की बसों में महिलाओं को एक दिन के बजाय दो या उससे अधिक दिनों तक निश्शुल्क यात्रा की सुविधा देने पर शासन स्तर पर मंथन चल रहा है। उत्तर प्रदेश में रक्षाबंधन पर महिलाओं के लिए चार दिनों तक मुफ्त बस यात्रा की व्यवस्था को देखते हुए उत्तराखंड में भी इसी तरह की सुविधा देने पर विचार किया जा रहा है।
एक दिन की मुफ्त यात्रा की व्यवस्था पहले से
उत्तराखंड सरकार फिलहाल रक्षाबंधन के दिन बहनों को राज्य की सीमा के भीतर परिवहन निगम की बसों में निश्शुल्क यात्रा की सुविधा देती है। इस बार रक्षाबंधन को देखते हुए इस सुविधा की अवधि बढ़ाने की संभावना जताई जा रही है।
प्रदेश के दूरदराज इलाकों में रहने वाले भाई-बहनों को आवाजाही में सुविधा मिल सके, इसके लिए मुफ्त यात्रा की अवधि एक दिन से अधिक करने पर विचार किया जा रहा है। हालांकि, कितने दिनों तक यह सुविधा मिलेगी, इसका अंतिम निर्णय अभी नहीं हुआ है।
महिलाओं के लिए स्थायी मुफ्त बस यात्रा का भी प्रस्ताव
रक्षाबंधन पर विशेष सुविधा के साथ ही उत्तराखंड में महिलाओं को परिवहन निगम की बसों में निश्शुल्क यात्रा की स्थायी सुविधा देने का प्रस्ताव भी शासन को भेजा गया है। यह प्रस्ताव उत्तर प्रदेश की तर्ज पर तैयार किया गया है।
परिवहन निगम मुख्यालय की ओर से इस संबंध में शासन को प्रस्ताव भेजा जा चुका है। अब इस पर सरकार के स्तर से निर्णय लिया जाना है।
15 अगस्त की घोषणाओं से पहले भेजा गया प्रस्ताव
परिवहन निगम के महाप्रबंधक संचालन क्रांति सिंह के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में महिलाओं के लिए सरकारी बसों में निश्शुल्क यात्रा का प्रावधान किया जा रहा है। वहां महिलाओं के साथ यात्रा करने वाले अन्य यात्री भी बसों में सफर कर सकते हैं। इससे परिवहन निगम की आय पर असर पड़ने की संभावना है।
इसी को ध्यान में रखते हुए परिवहन निगम ने 15 अगस्त को मुख्यमंत्री की ओर से की जाने वाली घोषणाओं के संबंध में उत्तराखंड की बसों में निश्शुल्क यात्रा से जुड़ा प्रस्ताव शासन को भेजा है।
अब सरकार के फैसले का इंतजार
रक्षाबंधन पर मुफ्त यात्रा की अवधि बढ़ाकर दो या उससे अधिक दिन करने का फैसला शासन स्तर पर विचार के बाद होगा। वहीं, महिलाओं के लिए स्थायी तौर पर निश्शुल्क बस यात्रा की सुविधा शुरू करने के प्रस्ताव पर भी सरकार को निर्णय लेना है। ऐसे में उत्तराखंड की बहनों की नजर अब 15 अगस्त को होने वाली संभावित घोषणाओं पर है।
