चंडीगढ़: पंजाब कांग्रेस में जारी अंदरूनी खींचतान के बीच शनिवार को पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी गुट और प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल के बीच अहम बैठक होने जा रही है। पिछले कई दिनों से जारी राजनीतिक गतिरोध के बाद यह बैठक ऐसे समय हो रही है, जब प्रदेश नेतृत्व को लेकर असंतोष खुलकर सामने आ चुका है। हालांकि, पार्टी प्रभारी पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि हाईकमान के फैसले में किसी भी तरह का बदलाव नहीं होगा।
पिछले पांच दिनों से भूपेश बघेल लगातार चंडीगढ़ में कांग्रेस नेताओं से मुलाकात कर रहे थे, लेकिन चन्नी गुट ने अब तक दूरी बनाए रखी थी। शुक्रवार को भी उन्होंने विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल की उपनेता अरुणा चौधरी से चर्चा की थी। इस बीच चन्नी समर्थक प्रदेश अध्यक्ष के फैसले पर पुनर्विचार की मांग करते रहे।
सुबह 11 बजे होगी अहम बैठक
शनिवार सुबह 11 बजे विधायक राणा गुरजीत सिंह के आवास पर प्रस्तावित बैठक में चरणजीत सिंह चन्नी, सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा और नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा के शामिल होने की संभावना है। इस बैठक में पंजाब कांग्रेस के मौजूदा हालात और संगठन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी।
सूत्रों के मुताबिक बैठक दो चरणों में हो सकती है। पहले चरण में चन्नी समर्थकों की कोर टीम पंजाब प्रभारी के सामने अपनी बात रखेगी। इसके बाद दूसरे चरण की बैठक चन्नी के आवास पर प्रस्तावित बताई जा रही है।
हाईकमान के फैसले पर अडिग रुख
बैठक से पहले भूपेश बघेल ने साफ कर दिया है कि पार्टी नेतृत्व द्वारा लिया गया फैसला किसी भी स्थिति में नहीं बदला जाएगा। उन्होंने संकेत दिए कि संगठनात्मक निर्णय अंतिम हैं और सभी नेताओं को उनका सम्मान करना होगा।
चन्नी गुट लगातार प्रदेश अध्यक्ष के मुद्दे पर अपनी नाराजगी जताता रहा है, लेकिन हाईकमान के सख्त रुख के बाद अब बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है।
बैठक के बाद खत्म हो सकती है अंदरूनी कलह
राजनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि इस बैठक के बाद पंजाब कांग्रेस में चल रहा विवाद कम हो सकता है। हालांकि, सूत्रों के अनुसार चन्नी गुट ने बैठक में प्रदेश अध्यक्ष को शामिल न करने की बात रखी है।
शुक्रवार को प्रस्तावित बैठक टलने के बाद चन्नी और उनके समर्थकों ने दिनभर रणनीति बनाई। बाद में पूर्व मुख्यमंत्री ने भी सामाजिक माध्यम के जरिए शनिवार को होने वाली बैठक की पुष्टि की।
अनुशासनहीन नेताओं पर सख्त कार्रवाई के संकेत
भूपेश बघेल ने कहा कि बैठक के बाद पार्टी के सभी नेता एकजुट नजर आएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि विधानसभा चुनाव तक वह पंजाब में रहकर संगठन को मजबूत करेंगे। साथ ही चेतावनी दी कि अनुशासनहीनता करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ने पर उन्हें पार्टी से बाहर भी किया जा सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में राहुल गांधी पार्टी का प्रमुख चेहरा होंगे और चुनावी अभियान में पंजाब को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।
प्रदेश अध्यक्ष बोले- बैठक में शामिल नहीं होऊंगा
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा कि वह शनिवार की बैठक में शामिल नहीं होंगे। उनके अनुसार उन्हें बैठक के स्थान की जानकारी भी नहीं है। उन्होंने कहा कि हाईकमान ने उन्हें प्रदेश अध्यक्ष बनाए रखने का निर्णय लिया है और जब तक पार्टी नेतृत्व चाहेगा, वह अपनी जिम्मेदारी निभाते रहेंगे।
