लखनऊ: लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर वाहनों का संचालन 14 जुलाई की सुबह 8 बजे से शुरू हो जाएगा। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। संचालन शुरू होने के साथ ही एक्सप्रेसवे के सभी प्रवेश और निकास द्वार वाहनों के लिए खोल दिए जाएंगे और पहले दिन से ही टोल टैक्स की वसूली भी शुरू होगी।
13 जुलाई को होगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का लोकार्पण 13 जुलाई को किया जाएगा। इस कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शामिल होंगे।
14 जुलाई से शुरू होगी टोल वसूली
एनएचएआई के परियोजना निदेशक नकुल प्रकाश वर्मा के अनुसार, 14 जुलाई से वाहन चालकों से टोल टैक्स लिया जाएगा। वार्षिक फास्टैग पास रखने वाले वाहन चालक केवल 15 रुपये में लखनऊ से कानपुर के बीच यात्रा कर सकेंगे।
तीन महीने तक एनएचएआई खुद संभालेगा टोल संचालन
एनएचएआई शुरुआती तीन महीने तक टोल प्लाजा का संचालन स्वयं करेगा। इस दौरान प्रतिदिन गुजरने वाले वाहनों की संख्या, प्रत्येक टोल से मिलने वाला राजस्व और दैनिक यात्रियों के पास के लिए आने वाले आवेदनों का आकलन किया जाएगा। इसके बाद टोल संचालन के लिए अलग से टेंडर जारी किया जाएगा।
चार टोल प्लाजा से वसूला जाएगा शुल्क
एक्सप्रेसवे पर पहले पांच टोल प्लाजा प्रस्तावित थे, लेकिन आउटर रिंग रोड से जुड़े टोल प्लाजा पर टोल टैक्स नहीं लिया जाएगा। ऐसे में फिलहाल चार टोल प्लाजा से ही टोल शुल्क वसूला जाएगा।
भारी वाहनों का होगा वजन, ओवरलोड पर लगेगा अतिरिक्त शुल्क
एनएचएआई ने टोल प्लाजा से पहले वेइंग मशीनें स्थापित की हैं। 14 जुलाई से सभी भारी वाहनों, विशेषकर ट्रकों का वजन टोल पार करने से पहले किया जाएगा। यदि कोई वाहन निर्धारित सीमा से अधिक वजन लेकर चलता पाया जाता है, तो उससे अतिरिक्त टोल शुल्क वसूला जाएगा।
इसके साथ ही ऐसे वाहनों का पूरा रिकॉर्ड भी तैयार किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर यह जानकारी परिवहन विभाग को उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि निर्धारित सीमा से अधिक भार ढोने वाले वाहनों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।
