लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजनीति में समाजवादी पार्टी को लेकर एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है। प्रदेश सरकार में मंत्री और सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने सपा में संभावित टूट को लेकर नया दावा करते हुए संकेत दिया है कि बागी सांसदों के समूह का नेतृत्व कौन कर सकता है। राजभर के ताजा बयान के बाद प्रदेश की राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
लगातार दूसरे दिन सपा पर हमलावर रहे राजभर
ओम प्रकाश राजभर पिछले दो दिनों से समाजवादी पार्टी और उसके नेतृत्व पर लगातार निशाना साध रहे हैं। बुधवार को उन्होंने दावा किया था कि समाजवादी पार्टी में बड़ी टूट होने वाली है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में कई तरह की अटकलें शुरू हो गई थीं।
‘बागी बलिया’ का लाल करेगा नेतृत्व- राजभर
गुरुवार सुबह सोशल मीडिया पर एक पोस्ट करते हुए राजभर ने कहा कि लोग लगातार उनसे पूछ रहे हैं कि सपा में किस तरह की टूट होने वाली है। उन्होंने दावा किया कि सपा के बागी सांसदों के गुट का नेतृत्व उत्तर प्रदेश की ‘बागी भूमि’ कहे जाने वाले बलिया का एक नेता करेगा।
राजभर ने अपने बयान में कहा कि हाल ही में सपा कार्यालय में आयोजित सम्मेलन के दौरान ब्राह्मण समाज की कथित उपेक्षा से ‘बागी बलिया’ का लाल बेहद आहत हुआ है। उनके अनुसार पार्टी में असंतोष पहले से मौजूद था, लेकिन इस घटना ने उसे और बढ़ाने का काम किया है। उन्होंने दोहराया कि सपा में टूट होकर रहेगी।
अखिलेश को दी सांसद बचाने की सलाह
राजभर ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा कि उनकी प्रतिक्रिया के बाद पूरा सैफई परिवार सफाई देने और उन पर निशाना साधने में जुट गया। उन्होंने कहा कि प्रेस कॉन्फ्रेंस करने के बजाय अखिलेश यादव को अब “सांसद बचाओ अभियान” शुरू करना चाहिए और नाराज सांसदों के घर जाकर उनसे माफी मांगनी चाहिए।
राजभर के आरोपों पर अखिलेश का पलटवार
राजभर के दावों पर समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि भविष्यवाणी करने वाले पहले अपनी पार्टी का भविष्य देखें। अखिलेश ने तंज कसते हुए कहा कि उन्हें यह बताना चाहिए कि उनकी पार्टी को भाजपा से कितनी सीटें मिलने वाली हैं। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि सीटों को लेकर अफवाह फैलाकर एडवांस लेने वालों को अब जवाब देना पड़ रहा है।
बयानों से गर्माई यूपी की सियासत
पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस और महाराष्ट्र में शिवसेना (यूबीटी) को लेकर चल रही राजनीतिक चर्चाओं के बीच उत्तर प्रदेश में भी सपा को लेकर उठ रहे दावे और पलटवार सियासी माहौल को और गर्म कर रहे हैं। हालांकि सपा में किसी संभावित टूट को लेकर अभी तक पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक संकेत सामने नहीं आया है।
