वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चल रहे संघर्ष को समाप्त करने के लिए शांति समझौता हो गया है। ट्रंप के अनुसार दोनों देशों के बीच इस समझौते पर 19 जून को स्विट्जरलैंड में औपचारिक हस्ताक्षर किए जाएंगे। साथ ही शुक्रवार से रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को भी फिर से खोल दिया जाएगा।
हालांकि, इस दावे पर अभी तक ईरान की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इससे पहले भी ट्रंप ईरान के साथ समझौते को लेकर दावा कर चुके हैं, जिसे तेहरान ने खारिज कर दिया था।
दुनिया के लिए खुल सकता है तेल आपूर्ति का सबसे अहम रास्ता
स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग माना जाता है। दुनिया के कुल तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता है। पिछले 107 दिनों से जारी संघर्ष और क्षेत्रीय तनाव के कारण इस मार्ग पर असर पड़ा था।
यदि यह मार्ग दोबारा पूरी तरह खुलता है तो भारत समेत कई देशों को तेल आपूर्ति में राहत मिल सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर भी दबाव कम हो सकता है।
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर की घोषणा
डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया मंच पर पोस्ट करते हुए दावा किया कि अमेरिका और ईरान के बीच समझौता पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि समझौते के बाद हॉर्मुज जलडमरूमध्य को बिना किसी शुल्क के खोला जाएगा और क्षेत्र में लागू नौसैनिक नाकेबंदी भी समाप्त कर दी जाएगी।
बाद में उन्होंने स्पष्ट किया कि समझौते पर आधिकारिक हस्ताक्षर होने के बाद शुक्रवार से समुद्री मार्ग पूरी तरह खोल दिया जाएगा।
परमाणु कार्यक्रम पर भी होगी चर्चा
रिपोर्ट के मुताबिक प्रस्तावित समझौते के तहत अमेरिका और ईरान अगले 60 दिनों के भीतर ईरान के परमाणु संवर्धन कार्यक्रम और उच्च संवर्धित यूरेनियम से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत बातचीत करेंगे।
इन्हीं विषयों को लेकर दोनों देशों के बीच लंबे समय से मतभेद बने हुए थे और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस पर लगातार चिंता जताई जाती रही है।
कई दौर की मध्यस्थता के बाद बनी सहमति
जानकारी के अनुसार इस समझौते को अंतिम रूप देने में कई देशों और मध्यस्थों ने भूमिका निभाई। पहले संघर्ष विराम लागू कराया गया और बाद में वार्ताओं को आगे बढ़ाया गया। इसी प्रक्रिया के बाद दोनों पक्षों के बीच सहमति बनने का दावा किया जा रहा है।
क्षेत्रीय तनाव के बीच आया बड़ा बयान
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में सुरक्षा स्थिति को लेकर लगातार चिंताएं बनी हुई हैं। हाल के दिनों में क्षेत्र में कई सैन्य घटनाक्रम भी सामने आए हैं, जिससे तनाव बढ़ा था।
अब यदि समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर हो जाते हैं और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज दोबारा पूरी तरह खुल जाता है, तो इसे वैश्विक व्यापार, ऊर्जा बाजार और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए बड़ी राहत माना जाएगा।
