डेमोग्राफिक चेंज पर केंद्र सरकार का बड़ा कदम, अमित शाह ने बनाई हाई लेवल कमेटी, व्यापक अध्ययन और समाधान की तैयारी शुरू

नई दिल्ली: देश में अस्वाभाविक जनसांख्यिकीय बदलाव (डेमोग्राफिक चेंज) को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को घोषणा की कि इस संवेदनशील मुद्दे पर एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है, जो पूरे देश में हो रहे जनसंख्या संतुलन में बदलाव के कारणों और प्रभावों का गहन अध्ययन करेगी।

हाई लेवल कमेटी का गठन, विशेषज्ञों को मिली जिम्मेदारी

गृह मंत्रालय की ओर से गठित इस समिति की अध्यक्षता सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति प्रकाश प्रभाकर नाइकवाड़े को सौंपी गई है। समिति में जनगणना आयुक्त के साथ-साथ सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी दुर्गा शंकर मिश्रा, सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी बालाजी श्रीवास्तव और नीति विशेषज्ञ डॉ. शमिका रवि को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव (फॉरेनर्स-I) को समिति का सदस्य सचिव नियुक्त किया गया है।

अमित शाह ने बताया राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा

अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि घुसपैठ और अन्य कारणों से होने वाला अस्वाभाविक जनसांख्यिकीय परिवर्तन देश की संप्रभुता, राष्ट्रीय सुरक्षा, कानून व्यवस्था और सामाजिक संरचना के लिए गंभीर चुनौती है। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा विशेष रूप से जनजातीय समुदायों के संरक्षण से भी जुड़ा हुआ है और इसका समाधान समयबद्ध तरीके से आवश्यक है।

समिति करेगी व्यापक विश्लेषण और अध्ययन

गृह मंत्री के अनुसार यह समिति देशभर में हो रहे जनसांख्यिकीय बदलावों का विस्तृत मूल्यांकन करेगी। इसमें विभिन्न धार्मिक और सामाजिक समुदायों के स्तर पर हो रहे असामान्य जनसंख्या परिवर्तन के पैटर्न का अध्ययन शामिल होगा। इसके आधार पर समिति एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी और समाधान के लिए सिफारिशें देगी।

नीति निर्माण में अहम भूमिका की उम्मीद

सरकारी सूत्रों के मुताबिक इस समिति की रिपोर्ट भविष्य में नीति निर्माण और सुरक्षा रणनीति में अहम भूमिका निभा सकती है। सरकार का मानना है कि जनसंख्या संरचना में बदलाव से जुड़े पहलुओं को वैज्ञानिक और संस्थागत ढंग से समझना आवश्यक है, ताकि दीर्घकालिक समाधान तैयार किए जा सकें।

राजनीतिक और सामाजिक बहस का विषय बना मुद्दा

डेमोग्राफिक चेंज का मुद्दा हाल के वर्षों में राजनीतिक विमर्श में भी प्रमुख रहा है, खासकर सीमावर्ती राज्यों में इसे लेकर लगातार बहस होती रही है। अब केंद्र सरकार द्वारा इस पर आधिकारिक स्तर पर समिति गठन को एक महत्वपूर्ण नीतिगत कदम माना जा रहा है।

हाई लेवल कमेटी के गठन के साथ ही केंद्र सरकार ने संकेत दिया है कि वह जनसांख्यिकीय बदलाव के मुद्दे को गंभीरता से लेकर व्यवस्थित अध्ययन और समाधान की दिशा में आगे बढ़ रही है। आने वाले महीनों में इस समिति की रिपोर्ट पर पूरे देश की नजरें रहेंगी।

 

Related posts