लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को राजधानी लखनऊ को 413 करोड़ रुपये की 342 विकास परियोजनाओं की बड़ी सौगात दी। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में सीएम योगी ने विभिन्न परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने साफ कहा कि विकास पर खर्च होने वाला पैसा जनता का है और उसका उपयोग केवल जनहित में ही किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार सिर्फ उस धन का सही नियोजन कर रही है, यही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन और प्रेरणा है।
मुख्यमंत्री ने नगर निगम में महापौर के तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के सभी 17 नगर निगमों, 200 नगर पालिका परिषदों, 545 नगर पंचायतों और लगभग 14 हजार पार्षदों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि पहली बार प्रदेश की सभी 17 नगर निगम सीटों पर भाजपा के महापौर चुने गए, जिसका परिणाम विकास और स्वच्छता के नए मॉडल के रूप में सामने आया है।
लखनऊ को नंबर-1 स्वच्छ शहर बनाने का लक्ष्य
सीएम योगी ने कहा कि स्वच्छता रैंकिंग में लखनऊ नगर निगम को देश में तीसरा स्थान मिला है, लेकिन अब लक्ष्य इसे देश का नंबर-1 शहर बनाना है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल नगर निगम या सफाई कर्मचारियों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक की भागीदारी जरूरी है। लोगों से गीला और सूखा कूड़ा अलग रखने, सिंगल यूज प्लास्टिक से बचने और सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान न पहुंचाने की अपील भी की।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने गमले चोरी की घटनाओं पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि ढाई करोड़ की कार से आकर 45 रुपये का गमला चोरी करने वाले यह न भूलें कि हर जगह सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। अगर गमला खरीद लेते तो सम्मान भी बना रहता और शहर भी सुंदर दिखता।
राष्ट्र प्रेरणा स्थल का किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने राष्ट्र प्रेरणा स्थल का उदाहरण देते हुए कहा कि जहां कभी वर्षों तक कूड़ा डंप होता था, वहां आज एक भव्य और प्रेरणादायी स्थल तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि वहां डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। सीएम ने कहा कि आज लखनऊ में ग्रीन कॉरिडोर, मेट्रो और आधुनिक जनसुविधाओं का विस्तार तेजी से हो रहा है।
गरीब, युवा, महिला और किसान सरकार की प्राथमिकता
सीएम योगी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्ष 2017 से पहले गरीबों के लिए आवास योजनाओं पर काम नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार ने बिना भेदभाव गरीब, युवा, महिला और किसान को केंद्र में रखकर योजनाएं लागू कीं। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में 65 लाख से अधिक गरीबों को आवास उपलब्ध कराए गए हैं।
उन्होंने कहा कि पहले की सरकारें परिवारवाद और भाई-भतीजावाद तक सीमित थीं, जबकि वर्तमान सरकार पूरे प्रदेश को अपना परिवार मानकर काम कर रही है। महिला सुरक्षा को लेकर भी उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों पर हमला बोला और कहा कि पहले अपराधियों का संरक्षण होता था, जबकि अब कानून व्यवस्था मजबूत हुई है।
ऊर्जा संकट पर विपक्ष को घेरा
मुख्यमंत्री योगी ने वैश्विक ऊर्जा संकट का जिक्र करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण तेल और ऊर्जा की कीमतों पर असर पड़ा है। इसके बावजूद भारत में महंगाई को नियंत्रण में रखने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि संकट के समय विपक्ष देश के साथ खड़े होने के बजाय भ्रम फैलाने का काम कर रहा है।
सीएम ने लोगों से जरूरत के अनुसार ही बिजली इस्तेमाल करने की अपील की। उन्होंने बताया कि प्रदेश में बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है और सरकार उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर काम कर रही है। साथ ही यह भी कहा कि अफवाह फैलाने वाले देशहित में नहीं हैं।
नगर निगम बनेगा समस्याओं के समाधान का केंद्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि नगर निगम नागरिक समस्याओं के समाधान का सबसे बड़ा प्लेटफॉर्म है। उन्होंने बताया कि राजधानी में 100 साल बाद नगर निगम का नया भव्य भवन बन रहा है। इसके अलावा मॉडल गोशाला, इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर और स्टॉर्म वाटर मैनेजमेंट जैसी परियोजनाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि लखनऊ में 10 हजार लोगों की क्षमता वाले कन्वेंशन सेंटर को मंजूरी दी जा चुकी है और उसका टेंडर भी हो गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर नगरीय सुविधाएं प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी के लक्ष्य तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएंगी।
कार्यक्रम में महापौर सुषमा खर्कवाल, वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, नगर विकास मंत्री ए.के. शर्मा, परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, राज्यसभा सांसद ब्रजलाल समेत कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।
