कतर में Sky बंद, Plans Suspend! मिडिल ईस्ट तनाव में उड़ानों पर ब्रेक

Saima Siddiqui
Saima Siddiqui

मिडिल ईस्ट में बढ़ते सैन्य तनाव का असर अब सीधे हवाई यात्रा पर दिखने लगा है। खाड़ी देशों के लिए उड़ान भरने वाली भारतीय एयरलाइंस ने एहतियातन अपनी सेवाएं अस्थायी रूप से रोक दी हैं।

Akasa Air ने 3 मार्च 2026 को अबू धाबी, दोहा, जेद्दा, कुवैत और रियाद से आने-जाने वाली सभी फ्लाइट्स निलंबित करने की घोषणा की है। 7 मार्च तक की बुकिंग वाले यात्रियों को बिना अतिरिक्त शुल्क के रीशेड्यूल या फुल रिफंड का विकल्प दिया गया है।

वहीं IndiGo ने भी मिडिल ईस्ट एयरस्पेस से गुजरने वाली अपनी अंतरराष्ट्रीय सेवाओं को अस्थायी रूप से रोक दिया है। 28 फरवरी तक बुक टिकट्स पर 7 मार्च तक पूरी छूट और रिफंड की सुविधा दी गई है।

कतर एयरस्पेस बंद: दोहा बना ग्लोबल ट्रैफिक जाम

तनाव बढ़ने के बाद Qatar ने अपना हवाई क्षेत्र पूरी तरह बंद कर दिया है। Qatar Airways ने आधिकारिक बयान में कहा है कि नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के अगले आदेश तक सभी उड़ानें स्थगित रहेंगी। अगला अपडेट 3 मार्च को दोहा समयानुसार सुबह 9 बजे जारी किया जाएगा।

दोहा इंटरनेशनल ट्रांजिट हब होने के कारण हजारों यात्री अलग-अलग एयरपोर्ट्स पर फंसे हुए हैं। यूरोप और एशिया के बीच होने वाला हवाई यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

Aviation Sector पर डोमिनो इफेक्ट

युद्ध के कारण एयर रूट्स में लगातार बदलाव हो रहे हैं। विमान कंपनियां जोखिम भरे इलाकों से बचने के लिए लंबा रूट ले रही हैं, जिससे फ्लाइट टाइम और फ्यूल कॉस्ट दोनों बढ़ रहे हैं।

विशेषज्ञ मान रहे हैं कि अगर संकट लंबा चला तो टिकट कीमतों में उछाल तय है। Insurance premium और operational cost पहले ही ऊपर जा चुके हैं।

खाड़ी देशों में काम करने वाले लाखों भारतीयों के लिए यह स्थिति सबसे ज्यादा चिंता का कारण है क्योंकि उनकी ट्रैवल प्लानिंग पूरी तरह अनिश्चित हो गई है।

जब जमीन पर मिसाइलें चलती हैं, तो आसमान भी न्यूट्रल नहीं रहता। एयरलाइंस कंपनियां अब सिर्फ टिकट नहीं, बल्कि “जियोपॉलिटिकल रिस्क मैनेजमेंट” भी बेच रही हैं।

कभी मौसम के कारण फ्लाइट लेट होती थी, अब “वॉर वेदर” नया फैक्टर बन गया है। सवाल सिर्फ इतना है क्या यह अस्थायी ब्रेक है या लंबी उथल-पुथल की शुरुआत?

क्या आगे और बढ़ेगा असर?

अगर कतर एयरस्पेस लंबे समय तक बंद रहता है, तो इंटरनेशनल कनेक्टिविटी पर व्यापक असर पड़ सकता है। खाड़ी रूट्स एशिया-यूरोप कनेक्शन की लाइफलाइन हैं।

एयरलाइंस फिलहाल स्थिति पर नजर रख रही हैं और जरूरत पड़ने पर आगे के ऑपरेशन में बदलाव कर सकती हैं। यात्रियों को सलाह दी जा रही है कि वे एयरलाइन की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप पर नियमित अपडेट चेक करते रहें।

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