
Yogi Adityanath ने प्रदेश के कर्मचारियों और पेंशनरों को त्योहार से पहले बड़ी राहत दे दी है। आदेश के मुताबिक फरवरी महीने का वेतन और पेंशन 28 फरवरी को ही जारी कर दी जाएगी। त्योहार पर “बाद में देखेंगे” की जगह इस बार सरकार ने कहा “पहले पैसा, फिर पिचकारी!”
वित्त विभाग का नोटिफिकेशन जारी
Uttar Pradesh Finance Department की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि 1 मार्च रविवार और 2 मार्च को होलिका दहन का अवकाश होने के कारण भुगतान में देरी की आशंका थी।
मुख्यमंत्री के निर्देश और राज्यपाल की मंजूरी के बाद फैसला लिया गया कि वेतन और पेंशन समय से पहले जारी किए जाएं, ताकि त्योहार पर आर्थिक असुविधा न हो।
28 फरवरी को खातों में आएगी रकम
आदेश में राज्य कर्मचारियों, शिक्षण संस्थानों, शहरी निकायों और पेंशनरों का जिक्र करते हुए साफ कहा गया है कि भुगतान 28 फरवरी को सुनिश्चित किया जाए।
सभी जिलाधिकारियों और कोषाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि प्रक्रिया में किसी तरह की लापरवाही न हो। यानी इस बार “फाइल अटकी है” वाला बहाना नहीं चलेगा।
कॉन्ट्रैक्ट और आउटसोर्स कर्मियों को भी राहत
सरकार ने बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के कर्मचारियों, आउटसोर्स और डेली वेज कर्मियों के लिए भी वेतन 2 मार्च से पहले जारी करने के निर्देश दिए हैं।

त्योहार की खुशियों में अस्थायी कर्मचारी पीछे न रह जाएं यह संदेश देने की कोशिश साफ दिखती है।
सियासी मैसेज क्या है?
होली जैसे बड़े त्योहार से ठीक पहले सैलरी रिलीज का फैसला सिर्फ प्रशासनिक नहीं, राजनीतिक संकेत भी देता है। सरकारी कर्मचारी किसी भी राज्य में बड़ा वर्ग होते हैं। ऐसे में “टाइमली पेमेंट” सिर्फ सुविधा नहीं, goodwill investment भी माना जाता है।
रंग सूखे हों या गीले, खाते में बैलेंस होना जरूरी है।
इसके बाद बाजार में त्योहार से पहले खरीदारी बढ़ेगी। कर्मचारियों की cash flow चिंता कम होगी। पेंशनरों को मेडिकल और घरेलू खर्च में राहत मिलेगी। Economic pulse पर इसका असर साफ दिख सकता है।
हीरो नहीं, जिम्मेदार इंसान बनो बेटा!
