
मध्य दिल्ली के प्रसाद नगर इलाके से आई यह खबर सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि सिस्टम और समाज—दोनों पर सवाल है। 11 जनवरी को ट्रैफिक सिग्नल पर गुलाब बेचने वाली 11 वर्षीय बच्ची को एक ई-रिक्शा चालक ने भरोसे में लेकर अगवा कर लिया।
आरोपी ने बच्ची से कहा कि वह उसके सारे फूल बिकवा देगा—और यही भरोसा उसकी सबसे बड़ी गलती बन गया।
Jungle Crime: Humanity on Trial
पुलिस के मुताबिक आरोपी बच्ची को प्रोफेसर रामनाथ विज मार्ग के पास स्थित सुनसान इलाके में ले गया, जहां उसके साथ दरिंदगी की गई। बच्ची बेहोश हो गई और आरोपी उसे मृत समझकर फरार हो गया।
यह कोई अचानक हुआ अपराध नहीं था—यह सोची-समझी साजिश थी।
300 CCTV Cameras, One Truth
दिल्ली पुलिस ने मामले में तेज़ी दिखाते हुए करीब 300 CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। अलग-अलग रूट्स को जोड़ते हुए एक फुटेज में बच्ची को ई-रिक्शा में बैठते देखा गया।

रिक्शा नंबर से पुलिस आरोपी दुर्गेश तक पहुंची और उसी दिन उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
Legal Action: No Escape
आरोपी के खिलाफ किडनेपिंग, Rape, POCSO Act की गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। पुलिस ने खून से सने कपड़े और अन्य सबूत भी बरामद किए हैं। पीड़िता का इलाज जारी है और उसे psychological counselling दी जा रही है।
दिल्ली में Smart City कैमरे हैं, लेकिन बच्चों के लिए Safe City कब बनेगी? हर रेड लाइट पर CCTV है, पर हर बच्चे के लिए सुरक्षा नहीं— यही सबसे कड़वी सच्चाई है।
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