जिसे “अजेय किला” कहा जा रहा था, वो एक झटके में मलबे में बदल गया। West Bengal की सियासत में यह सिर्फ सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि narrative का क्रैश है जहां मैदान में उतरा हर समीकरण बिखर गया। और इस पूरी कहानी में एक नाम अचानक सबसे ऊपर आ गया—Yogi Adityanath… क्या यह सिर्फ प्रचार था या एक सुनियोजित राजनीतिक सर्जिकल स्ट्राइक? बंगाल में ‘बाबा’ का बवंडर यह जीत सिर्फ Bharatiya Janata Party की नहीं, बल्कि उस आक्रामक कैंपेन मॉडल की है जिसने बंगाल की राजनीति को सीधे चुनौती दी।…
Read MoreDay: May 5, 2026
17 हजार की बढ़त से 15 हजार की हार तक- पलटी बाजी, दीदी क्यों हारीं
17 हजार की बढ़त… और फिर अचानक हार। Mamata Banerjee का किला, जो सालों से अजेय माना जाता था, उसी के अंदर से दरारें फूट पड़ीं। और सबसे बड़ा सवाल यही—क्या यह हार सिर्फ एक सीट की है, या एक पूरे दौर के खत्म होने का संकेत? किले के अंदर ही दरार यह हार बाहर से नहीं आई, यह भीतर से टूटी क्योंकि West Bengal में 15 साल की सत्ता के बाद एंटी-इंकम्बेंसी का दबाव साफ दिखने लगा था। जनता का मूड धीरे-धीरे बदल रहा था, लेकिन TMC शायद उस…
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