बैनामा कागज़ में, कब्जा दबंग के हाथ! बाराबंकी में कानून की परीक्षा

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले से आई यह खबर एक बार फिर सवाल खड़ा करती है—क्या ज़मीन खरीदना अब भी सुरक्षित निवेश है?नवाबगंज तहसील के ग्राम बड़ेल में जमीन विवाद ने उस वक्त सनसनी फैला दी, जब तीन खरीदारों ने आरोप लगाया कि रजिस्टर्ड बैनामे के बावजूद हथियारों के बल पर उनकी ज़मीन पर कब्जा कर लिया गया. पीड़ितों के नाम हैं—रामकुमार तिवारी, अफजाल इरशाद किरमानी और मोहम्मद सुफियान. तीनों का कहना है कि उन्होंने नवंबर महीने में विधिवत रजिस्टर्ड बैनामे से जमीन खरीदी थी और बाउंड्री भी करा दी…

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Republic Day Seating Row: खड़गे-राहुल का ‘थर्ड लाइन विवाद’

भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में इस बार परेड से ज़्यादा चर्चा कुर्सियों की कतार को लेकर हो रही है. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया है कि उन्हें और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी को तीसरी पंक्ति में बैठाकर जानबूझकर अपमानित किया गया. खरगे का दावा है कि न सिर्फ उन्हें अपेक्षित सीट नहीं मिली, बल्कि उन्हें अपने सचिवों को भेजकर सीट और पास की व्यवस्था करानी पड़ी. राजनीति में जहां symbolism सब कुछ होता है, वहां “थर्ड रो” सिर्फ एक लाइन नहीं, बल्कि संदेश बन जाती…

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अब Deal पक्की! EU के साथ हाथ मिलाते ही भारत को मिला Global Boost

कई दौर की बातचीत, अटकी फाइलें और बदले हुए ग्लोबल हालात—इन सबके बाद 27 जनवरी को भारत और यूरोपीय संघ के बीच Free Trade Agreement (FTA) पर आखिरकार मुहर लग गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडिया–EU बिजनेस फोरम में इसे “historic trade agreement” बताया और कहा कि यह partnership अब सिर्फ सरकारों तक सीमित नहीं, बल्कि समाज और बाजार—दोनों तक पहुंचेगी। क्यों खास है ये डील? EU भारत का सबसे बड़ा ट्रेड पार्टनर है। PM मोदी के मुताबिक, यूरोप में भारतीय निवेश 40 बिलियन यूरो तक पहुंच चुका है। R&D…

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UGC Equity Regulations पर बढ़ा बवाल, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दी सफाई

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने UGC के नए Anti-Discrimination नियमों को लेकर उठ रहे ‘Reverse Discrimination’ के आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि Equity Regulations 2026 का उद्देश्य न्याय है, प्रतिशोध नहीं, और इनका कोई भी दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। UGC Equity Regulations 2026: नियम या नया रणक्षेत्र? UGC के नए Equity Regulations 2026 ने देश के विश्वविद्यालयों को अचानक policy lab से protest zone में बदल दिया है। दिल्ली से लेकर उत्तर प्रदेश तक, कैंपस में बहस सिर्फ किताबों की नहीं, बल्कि न्याय बनाम निष्पक्षता…

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UGC Equity Regulations: नियमों पर क्यों मचा है बवाल? आसान भाषा में पूरी कहानी

भारत की higher education system शायद ही कभी इतनी sharply divided रही हो, जितनी आज UGC Equity Regulations 2026 को लेकर दिख रही है। Universities, student unions और social media—हर जगह एक ही सवाल गूंज रहा है: क्या ये नियम equality लाएंगे या existing inequalities को नया नाम देंगे? UGC का दावा साफ है—ये नियम discrimination खत्म करने के लिए हैं। लेकिन ground reality पर बहस कहीं ज़्यादा complex हो चुकी है। आखिर क्या हैं UGC Equity Regulations 2026? UGC के मुताबिक, Equity Regulations 2026 का core objective है Campus…

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जब India-EU ने हाथ मिलाया, तो Washington में बजा अलार्म!

भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच हुआ नया Free Trade Agreement सिर्फ एक डील नहीं, बल्कि global power shift का economic signal माना जा रहा है। इसे यूं ही ‘Mother of All Deals’ नहीं कहा जा रहा—यह समझौता करीब 2 अरब लोगों के लिए एक साझा बाजार तैयार करता है, जो दुनिया की कुल GDP का लगभग 25 प्रतिशत हिस्सा कवर करता है। यूरोप से भारत आने वाले लगभग 97% प्रोडक्ट्स पर टैरिफ घटेगा या खत्म होगा, जिससे ट्रेड सस्ता और तेज़ होगा। मतलब—कम कीमत, ज्यादा विकल्प और तेज़…

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UGC का नया नियम, कैंपस में पुरानी आग: Merit vs Equality फिर आमने-सामने

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए ‘Equity Regulation 2026’ ने उच्च शिक्षा की बहस को अचानक सड़कों तक खींच लाया है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश और कुछ अन्य राज्यों में छात्र संगठनों और शिक्षकों के प्रदर्शन ने साफ कर दिया है कि यह सिर्फ एक अकादमिक सुधार नहीं, बल्कि राजनीतिक और सामाजिक टकराव का नया फ्रंट बन चुका है। क्या है UGC का नया इक्विटी रेगुलेशन? UGC का दावा है कि यह नियम उच्च शिक्षा में समान अवसर (Equal Representation) सुनिश्चित करने के लिए लाया गया है। नई व्यवस्था के तहत…

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Yamuna Cleaning Master Plan: गंगा नहर से आएगा ताजा पानी

दिल्ली में यमुना अब सिर्फ आस्था की नदी नहीं, बल्कि environmental embarrassment बन चुकी थी। झाग, बदबू और जहरीला पानी—हर चुनाव से पहले वादा और हर चुनाव के बाद सन्नाटा। लेकिन अब केंद्र सरकार ने इस “silent disaster” पर अब तक का सबसे बड़ा action plan लॉन्च कर दिया है। जल शक्ति मंत्रालय ने साफ कर दिया है, अब यमुना की सफाई PowerPoint presentation से नहीं, पानी के बहाव से होगी। Ganga Canal से Yamuna तक: Fresh Water Injection Plan इस मेगा प्लान के तहत उत्तर प्रदेश की Upper Ganga…

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मनमोहन के राज में हुई थी यूरोपीय संघ से व्यापार वार्ता, लगे 18 साल?

18 साल ! इतने साल में सरकारें बदल जाती हैं, पीढ़ियां बड़ी हो जाती हैं, और भारत में तो एक्सप्रेसवे तक बन जाते हैं।लेकिन India–EU Trade Deal को पूरा होने में पूरे 18 साल लगे — और जब आखिरकार डील साइन हुई, तो लगा जैसे यूरोप ने शादी के लिए “अब हम तैयार हैं” कह दिया हो। यह कोई मामूली समझौता नहीं है। यह उस रिश्ते का ऑफिशियल एलान है, जिसमें भारत अब सिर्फ emerging market नहीं, बल्कि decision-making table पर बैठा partner है। यूरोप को समझने में 18 साल…

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Bareilly में अफसर बनाम सिस्टम! सस्पेंड होते ही धरने पर बैठे City Magistrate

उत्तर प्रदेश के बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री का मामला अब सिर्फ एक इस्तीफा नहीं, बल्कि system vs officer showdown में बदल चुका है। इस्तीफा देने के अगले ही दिन अलंकार को निलंबित कर दिया गया, जिसके बाद उन्होंने सीधे बरेली कलेक्ट्रेट पहुंचकर धरना शुरू कर दिया। यह घटनाक्रम प्रशासनिक हलकों में असहजता और सियासी गलियारों में हलचल दोनों पैदा कर रहा है। ‘रात भर बंधक बनाए जाने की साजिश’ धरने पर बैठे निलंबित सिटी मजिस्ट्रेट ने बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने इस्तीफा पहले ही सौंप…

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