
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में सियासी तापमान और बढ़ा दिया है। उन्होंने कहा कि बंगाल में चुनाव अब लोकतांत्रिक उत्सव नहीं, बल्कि भय और हिंसा का पर्याय बन चुके हैं।
शाह ने आरोप लगाया कि राज्य में लोकतंत्र को दबाने और विपक्षी कार्यकर्ताओं को डराने का एक सुनियोजित तंत्र काम कर रहा है।
“निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव कराना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है, लेकिन बंगाल में यह पूरी तरह विफल नजर आ रही है,” — Amit Shah
हिंसा का ट्रैक रिकॉर्ड: BJP ने गिनाए आंकड़े
BJP के अनुसार, 2018 पंचायत चुनाव, 2019 लोकसभा चुनाव, 2021 विधानसभा चुनाव, 2024 लोकसभा चुनाव इन सभी चुनावों में चुनावी हिंसा में कई लोगों की जान गई। पार्टी का दावा है कि BJP कार्यकर्ताओं को चुन-चुनकर निशाना बनाया गया।
इसके अलावा:
- सांप्रदायिक दंगे
- CAA विरोध प्रदर्शन
इन घटनाओं में भी जान-माल का भारी नुकसान हुआ।
Election Commission के सामने BJP की बड़ी मांगें
Bengal BJP सांसदों और कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग के समक्ष एक प्रस्ताव रखा है, जिसमें राज्य पुलिस को चुनावी प्रक्रिया से दूर रखने की मांग की गई है।
प्रमुख मांगें:
मतदान केंद्र के भीतर उपस्थिति पर रोक
- केवल Election Commission द्वारा नियुक्त अधिकारी ही अंदर रहें
- राजनीतिक एजेंट मतदान केंद्र के बाहर बैठें
- बिहार समेत कई राज्यों में यह व्यवस्था पहले से लागू
वोटिंग के दौरान गोपनीयता
- एक समय में केवल एक मतदाता को मतदान कक्ष में प्रवेश
- भीड़ और दबाव की संभावना खत्म
CAPF को मिले पूरी जिम्मेदारी
BJP ने मांग की कि मतदान केंद्र के मुख्य द्वार और बाहर की सुरक्षा CAPF संभाले। CAPF को EPIC/ID जांच का अधिकार मिले। हर केंद्र पर महिला CAPF कर्मियों की अनिवार्य तैनाती। विशेषकर बुर्का पहनने वाली मुस्लिम महिलाओं की पहचान सम्मानपूर्वक सुनिश्चित हो।

राज्य पुलिस पर 200 मीटर का बैन
प्रस्ताव में साफ कहा गया है कि मतदान केंद्र के 200 मीटर के दायरे में राज्य पुलिस तैनात न हो। यह क्षेत्र केवल केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के अधीन रहे। ताकि निष्पक्षता और भयमुक्त माहौल बना रहे।
घुसपैठ बना ‘सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा’
प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमित शाह ने घुसपैठ को बंगाल का सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा बताया। उनका कहना है- अवैध घुसपैठ से जनसांख्यिकीय संतुलन बिगड़ रहा है। इसका सीधा असर चुनावी प्रक्रिया और राष्ट्रीय सुरक्षा पर पड़ता है। TMC सरकार घुसपैठियों पर कार्रवाई के बजाय संरक्षण दे रही है।
“भाजपा बंगाल में हिंसा-मुक्त, पारदर्शी और निष्पक्ष चुनाव के लिए हर संवैधानिक कदम उठाएगी।”
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