
आज संसद भवन में सिर्फ वोटिंग नहीं हो रही, बल्कि आंखों में आंखें डालकर “कौन किसका है?” का खेल भी चल रहा है। 2025 के उपराष्ट्रपति चुनाव ने गर्मी वैसे तो मौसम से पहले राजनीति में ला दी है। लेकिन अब बयान भी वैसे ही तप रहे हैं जैसे गर्म तवे पर मक्खन।
थरूर बोले: “हमें नंबर पता है” – लेकिन जीत नहीं!
कांग्रेस के शशि थरूर जब बोलते हैं, तो शब्द नहीं निकलते – डिप्लोमैटिक चेतावनी निकलती है। उन्होंने कहा:
“यह बहुत अहम चुनाव है, लेकिन हम जानते हैं कि संख्या क्या रहने वाली है।”
मतलब – हम तो हार रहे हैं, लेकिन स्टाइल से हारेंगे।
संजय राउत की चेतावनी: “NDA में खतरा है, सरकार कमज़ोर”
शिवसेना (UBT) के संजय राउत ने कहा कि क्रॉस वोटिंग की सबसे ज्यादा संभावना सत्तारूढ़ एनडीए में है।
“मोदी सरकार कमज़ोर है,” उन्होंने कहा। यानी विपक्ष का आत्मविश्वास फुल चार्ज में है, और NDA का नेटवर्क डाउन बताने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
रामदास अठावले बोले: “हमारा बहुमत पक्का है”
हर बार की तरह रामदास अठावले ने वही पुराना भरोसा दोहराया:
“हमारा बहुमत क्लियर है।”
यानि अगर आप गिनती में कमजोर भी हो, तो मनोबल में कभी कमजोर मत दिखो – ये BJP स्कूल की पहली क्लास है।

पिछली बार 207, इस बार 100 का अंतर?
CPI सांसद पी संदोश कुमार के अनुसार इस बार वोटिंग अंतर कम हो सकता है।
“207 से घटकर 100 तक आ सकता है” – अब ये अच्छी खबर है या बुरी, ये निर्भर करता है कि आप किस टीम के फैन हैं।
पहले वोटर: पीएम मोदी, फिर राहुल गांधी – VIP लाइन लगी है!
मतदान की शुरुआत खुद PM मोदी ने की। उसके बाद मंत्री, सांसद और फिर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी वोट डाला।
यह वोटिंग नहीं, बल्कि “कौन बनेगा सत्ता का उपविजेता?” वाला माहौल बन चुका है।
नतीजे जो भी हों, क्रॉस वोटिंग की गूंज ज़रूर होगी!
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थरूर को नंबर पता है लेकिन जीत की गारंटी नहीं। राउत को NDA की हार दिख रही है लेकिन खुद का गठबंधन कहां तक पहुंचेगा ये unclear है। NDA को लगता है “हम जीतेंगे” – लेकिन विपक्ष को लगता है “आप जीतकर भी हार सकते हैं।”
अगर वोटिंग में मोबाइल वोटिंग जैसी OTP वेरिफिकेशन होती, तो शायद कोई वोट बदल ही न पाता!
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