Vedanta Share Crash: पारिवारिक शोक, Succession Anxiety और Global Selloff ने तोड़ा शेयर

Saima Siddiqui
Saima Siddiqui

वेदांता ग्रुप के लिए यह वक्त किसी double shock therapy से कम नहीं दिख रहा। एक तरफ चेयरमैन अनिल अग्रवाल अपने इकलौते बेटे अग्निवेश अग्रवाल के निधन के गहरे शोक में हैं, दूसरी तरफ शेयर बाजार ने भी बिना सहानुभूति दिखाए सीधा झटका दे दिया।
गुरुवार 8 जनवरी 2026 को वेदांता के शेयरों में तेज बिकवाली देखने को मिली और निवेशकों का मूड मिनटों में खराब हो गया।

Vedanta और Hindustan Zinc: गिरावट का भारी झटका

ट्रेडिंग सेशन के दौरान Vedanta Ltd का शेयर करीब 4% तक फिसला। Hindustan Zinc 6% से ज्यादा टूट गया, और पूरे मेटल सेक्टर में बेचैनी फैल गई। मतलब साफ है—यह सिर्फ एक कंपनी की कहानी नहीं, बल्कि पूरे Metal Basket की सेहत बिगड़ने का संकेत था।

Family Tragedy & Succession Anxiety: Market का सबसे नर्वस पॉइंट

बड़े बिजनेस हाउस में जब भी leadership या succession से जुड़ी अनिश्चितता आती है, शेयर बाजार तुरंत अलर्ट मोड में आ जाता है।
अग्निवेश अग्रवाल के असामयिक निधन के बाद निवेशकों के मन में एक ही सवाल गूंजने लगा— Vedanta Group का अगला वारिस कौन?

यही कारण है कि कुछ institutional funds ने जोखिम घटाने के लिए अपनी हिस्सेदारी कम की।
Market का सिंपल फार्मूला है—जहां clarity नहीं, वहां capital टिकती नहीं।

Nifty Metal Down: Global हवा भी उलटी

गुरुवार को सिर्फ वेदांता ही नहीं, पूरा Nifty Metal Index दबाव में रहा।
इसके पीछे कई global reasons हैं:

  • Zinc और Aluminium prices में कमजोरी
  • Crude oil volatility
  • Donald Trump की रूस से तेल खरीद पर 500% tariff धमकी
  • इन सबका असर metal कंपनियों के export और margins पर पड़ने की आशंका से निवेशक सहम गए।

Profit Booking: ऊंचाई पर पहुंचकर सांस टूट गई

एक कड़वी लेकिन जरूरी सच्चाई यह भी है कि वेदांता का शेयर हाल के दिनों में 52-week high के बेहद करीब था। पिछले एक महीने में करीब 17% की तेजी दिखा चुका था। ऐसे में bad news का छोटा सा झोंका भी काफी था।

नतीजा— “भाव मिले अच्छे, मुनाफा निकालो जल्दी” और बिकवाली तेज हो गई।

Market को न दुख समझ आता है, न वक्त

इंसान शोक में हो सकता है, लेकिन शेयर बाजार को सिर्फ sentiment + signal + timing दिखती है।

Dalal Street का उसूल साफ है— Sympathy human trait है, market indicator नहीं।

आगे क्या देखे निवेशक?

Vedanta और Hindustan Zinc की गिरावट ने साफ कर दिया है कि आने वाले समय में नजर रहेगी Management की succession clarity पर Global metal prices पर Geopolitical risks (Trump factor) पर और कंपनी के debt & restructuring roadmap पर जब तक इन सवालों के जवाब नहीं मिलते, volatility Vedanta का पीछा नहीं छोड़ेगी।

जयशंकर बोले– जब दुनिया फंसती है, भरोसा भारत पर ही करती है

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